शिविर में उपस्थित प्रेम मिलन कोलकाता को पदोधिकारी 
Home slider

किडनी की बीमारी, आंखों की रोशनी गयी और ऊपर से गरीबी की मार

प्रेम मिलन ने फेको पद्धति से लौटायी रोहित राऊत की आंखों की रोशनी

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता में समाजसेवा और मानवता की एक और प्रेरणादायक मिसाल सामने आयी है। प्रेम मिलन कोलकाता और प्रेम मिलन नर्सिंग होम ने नि:स्वार्थ सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने इंसानियत पर लोगों का भरोसा और मज़बूत कर दिया है। इस सराहनीय कार्य के पीछे समाजसेवी चंद्रकांत सराफ को उनकी संवेदनशील सोच और तत्पर पहल के लिए लोग आज मानव रूप में देवदूत मान रहे हैं। सियालदह स्टेशन के पीछे रहने वाले रोहित राऊत पिछले कुछ समय से गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं। नियमित डायलिसिस के लिए वे कोलकाता के बड़ाबाजार स्थित नंदो मलिक लेन के प्रेम मिलन नर्सिंग होम आते रहे हैं, जहां सप्ताह में तीन बार उनका सफलतापूर्वक डायलिसिस किया जा रहा है। इसी दौरान चंद्रकांत सराफ को यह जानकारी मिली कि रोहित दोनों आंखों से लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन हो चुके हैं। रोहित की आंखों की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे बिना सहारे चलने में भी असमर्थ थे। आर्थिक तंगी के कारण इलाज कराना उनके लिए असंभव हो गया था और उनका जीवन धीरे-धीरे अंधकार में डूबता जा रहा था। हालात की गंभीरता को समझते हुए चंद्रकांत सराफ ने तत्काल रोहित की आंखों के इलाज की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। उनकी पहल पर स्वास्तिक नर्सिंग होम में नेत्र चिकित्सक डॉ. शुभ्रो घोषाल द्वारा रोहित की दोनों आंखों का फेको पद्धति से नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और रोहित की आंखों में फिर से रोशनी लौट आयी। जो रोहित कभी दूसरों के सहारे चलने को मजबूर थे, आज वे अपने पैरों पर खड़े होकर दुनिया को फिर से देख पा रहे हैं। रोहित और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, “ऐसी सेवा हमने कोलकाता में कहीं नहीं देखी। चंद्रकांत सराफ हमारे लिए भगवान बनकर आए। जब हर ओर से उम्मीद टूट चुकी थी, तब उन्होंने हमें नयी जिंदगी दी।” यह घटना न केवल समाजसेवा की मिसाल है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही समय पर की गयी एक पहल किसी की पूरी जिंदगी बदल सकती है।

SCROLL FOR NEXT