नई दिल्ली : Indian Railways ने देशभर में क्षमता विस्तार और कनेक्टिविटी सुधार के लिए 871 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे अवसंरचना का आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता में वृद्धि और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
राजस्थान के Shri Ganganagar में 174.26 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कोच मेंटेनेंस सुविधा स्थापित की जाएगी। इससे एलएचबी और वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव को मजबूती मिलेगी।
साथ ही Lalgarh डिपो के विस्तार के लिए 139.68 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से राजस्थान क्षेत्र में प्रीमियम ट्रेनों की सेवा क्षमता बढ़ेगी और रखरखाव कार्य अधिक सुव्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
केरल में Turavur–Mararikulam रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 450.59 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से यात्री ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने और मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस सेक्शन के दोहरीकरण से दक्षिण भारत में लॉजिस्टिक क्षमता को मजबूती मिलेगी और ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार होगा।
पश्चिम बंगाल में 107.10 करोड़ रुपये की लागत से Kalipahari बाइपास लाइन परियोजना को स्वीकृति दी गई है। यह लाइन Asansol स्टेशन पर इंजन रिवर्सल की आवश्यकता को समाप्त करेगी, जिससे परिचालन समय की बचत और दक्षता में वृद्धि होगी।
इस बाइपास के बनने से ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी और पूर्वी क्षेत्र में यातायात प्रबंधन अधिक सुचारु हो सकेगा।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, ये परियोजनाएं रेलवे नेटवर्क को अधिक आधुनिक, सक्षम और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। क्षमता विस्तार, तेज रखरखाव और बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा, साथ ही माल परिवहन में भी तेजी आएगी।