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हावड़ा यार्ड का जीएम गीतिका पांडेय ने किया निरीक्षण

Megha

ट्रैक सुरक्षा, आधुनिक रखरखाव और फ्रंटलाइन कर्मचारियों की सुरक्षा पर दिया जोर

कोलकाता : पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने गुरुवार को हावड़ा यार्ड का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक सुरक्षा, रखरखाव के आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता तथा फ्रंटलाइन रेलकर्मियों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गयी। इस दौरान पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य अभियंता विक्रम गुप्ता, मुख्य ट्रैक अभियंता अभिजीत राय, हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विशाल कपूर, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

महिला फ्रंटलाइन कर्मचारियों से लिया फीडबैक

निरीक्षण की शुरुआत में जीएम ने महिला फ्रंटलाइन कर्मचारियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा जरूरतों और फील्ड ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण परिचालन कार्यों से जुड़े सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सहयोगी कार्य वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।

आधुनिक मशीनों से ट्रैक रखरखाव की समीक्षा

जीएम ने पी-वे (Permanent Way) रखरखाव में इस्तेमाल होने वाली स्वचालित नट-बोल्ट कसने वाली मशीन का निरीक्षण किया। मशीन के जरिए प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, रेल ज्वाइंट और अन्य स्थानों पर नट-बोल्ट कसने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने देखा कि किस तरह मशीनीकृत उपकरणों के इस्तेमाल से रखरखाव का काम कम श्रम में तेज और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

इसके अलावा उन्होंने रेल ड्रिलिंग मशीन, रेल कटिंग मशीन और चैंफरिंग किट के कामकाज की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने इन उपकरणों के इस्तेमाल और व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया। जीएम ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से ट्रैक रखरखाव को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया।

‘सुरक्षा संवाद’ में कर्मचारियों ने ली शपथ

निरीक्षण के बाद हावड़ा स्टेशन के निकट विश्वकर्मा गार्डन में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके जरिए पूर्व रेलवे की पर्यावरण संरक्षण और हरित रेलवे परिसर की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

इसके बाद पर्यवेक्षकों तथा पुरुष एवं महिला पी-वे कर्मचारियों के साथ ‘सुरक्षा संवाद’ आयोजित हुआ। इस दौरान सुरक्षा शपथ ग्रहण समारोह में कर्मचारियों ने इंटरलॉकिंग एवं नॉन-इंटरलॉकिंग गेट, ट्रैक पेट्रोलिंग और अन्य महत्वपूर्ण पी-वे कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने की शपथ ली।

कार्यक्रम में ‘रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा’ संदेश वाला बहुभाषी सुरक्षा पोस्टर भी जारी किया गया। पोस्टर में बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी में सुरक्षा संबंधी संदेश दिए गये हैं।

‘सुरक्षित ट्रैक से शुरू होता है सुरक्षित ट्रेन परिचालन’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीएम गीतिका पांडेय ने कहा कि सुरक्षित ट्रेन परिचालन की शुरुआत सुरक्षित और अच्छी तरह से रखरखाव किये गये ट्रैक से होती है। उन्होंने पी-वे के फ्रंटलाइन कर्मचारियों से पेट्रोलिंग और रखरखाव के दौरान सतर्क रहने तथा सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है और किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। जीएम ने कर्मचारियों के सुझाव और फील्ड स्तर के अनुभव भी सुने तथा परिचालन एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं को खुलकर सामने रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि फ्रंटलाइन पी-वे कर्मचारी सुरक्षित ट्रेन परिचालन की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों, बेहतर कार्य परिस्थितियों और मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ कर्मचारियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने से रेलकर्मियों के लिए सुरक्षित वातावरण और यात्रियों के लिए अधिक विश्वसनीय एवं सुरक्षित रेल सेवा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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