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कॉमर्शियल गैस की कमी से बजरंगबली मार्केट में ठप पड़ा लोहा कारोबार

पश्चिम एशिया में युद्ध का असर 250–300 गोदामों वाले एशिया के बड़े लोहा बाजार में काम प्रभावित मजदूर बैठे खाली, कई गोदामों के शटर डाउन

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत के स्थानीय बाजारों में भी दिखने लगा है। एलपीजी के साथ-साथ कॉमर्शियल गैस की कमी के कारण कई व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। इसका स्पष्ट असर एशिया के बड़े लोहा बाजारों में शामिल बजरंगबली मार्केट में देखने को मिल रहा है, जहां गैस की कमी के कारण कारोबार लगभग ठप पड़ने लगा है। दरअसल इस मार्केट में लोहे की कटिंग का अधिकांश काम कॉमर्शियल गैस की मदद से किया जाता है। गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग नहीं होने से कई गोदामों में काम बंद हो गया है। बाजार में करीब 250 से 300 छोटे-बड़े गोदाम हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। लेकिन गैस की किल्लत के कारण मजदूरों को फिलहाल खाली बैठना पड़ रहा है। वहीं गोदाम मालिक प्रीतम अग्रवाल ने कहा कि उनका कारोबार पूरी तरह लोहे की कटिंग पर आधारित है, जिसके लिए कॉमर्शियल गैस जरूरी है। गैस नहीं मिलने के कारण उनका काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है और ऑर्डर समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही कॉमर्शियल गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो बाजार में कारोबार और रोजगार दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल बाजार के व्यापारी और मजदूर गैस की आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

बजरंगबली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गोयल ने बताया कि गैस की आपूर्ति बाधित होने से बाजार की स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई गोदामों के शटर बंद हो चुके हैं, जबकि कई व्यापारी अपने माल की सप्लाई भी नहीं कर पा रहे हैं। अगर जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो व्यापारियों को और ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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