डिजिटल अरेस्ट (सांकेतिक) 
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न्यूटाउन में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 3.26 करोड़ की ठगी, तीन गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर बनाया दबाव फर्जी CBI आदेश दिखाकर शेयर, म्यूचुअल फंड और नकदी ट्रांसफर कराई

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: न्यूटाउन के एक निवासी से कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 3.26 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बीकू कुमार (24), दुरंत पात्रा (28) और मोहम्मद जायेद (46) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों कोलकाता या हावड़ा के रहने वाले हैं। पीड़ित ने इस वर्ष जनवरी में न्यूटाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में मामले को साइबर क्राइम यूनिट को सौंप दिया गया। करीब सात महीने की जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि पीड़ित का आधार नंबर 24 लोगों के खिलाफ दर्ज शिकायतों से जुड़ा हुआ है। पीड़ित ने जब मुंबई में किसी सिम कार्ड के इस्तेमाल से इनकार किया तो ठगों ने उसे और डराना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’ और बैंक खाते में मौजूद रकम फ्रीज करने के आदेश भेजे। जालसाजों ने पीड़ित से कहा कि मामले की जांच सीबीआई के समन्वय से चल रही है। उसे बिना अनुमति घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई और गिरफ्तारी का डर दिखाया गया। डर के माहौल में पीड़ित ने आरोपियों के निर्देशों का पालन किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसके शेयर, म्यूचुअल फंड और नकदी समेत कुल 3,26,84,000 रुपये आरोपियों द्वारा नियंत्रित खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने विधाननगर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और लेन-देन से जुड़े बैंक खातों तथा अन्य सुरागों की पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है।


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