मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
रायगंज : डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, फिटनेस शुल्क, टोल टैक्स, बीमा और वाहन के पुर्जों की लागत में वृद्धि के बीच निजी बस संचालकों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इसका सीधा असर अब यात्री सेवाओं पर पड़ने लगा है। उत्तर दिनाजपुर जिले में रायगंज से संचालित नौ लोकल और एक एक्सप्रेस रूट की कुल 56 निजी बसों का परिचालन बंद हो गया है, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी बस मालिक संगठन के अनुसार, रायगंज से कालियागंज (हेमताबाद और कुनोर-दुर्गापुर मार्ग), हरिरामपुर (इटाहार मार्ग), पाटनोलिया घाट (दुर्गापुर मार्ग), बांगालबाड़ी (हेमताबाद मार्ग), भरतपुर (समसपुर-विष्णुपुर मार्ग), बिंदोल (बारोदुआरी मार्ग), रसाखोवा (बोतलबाड़ी मार्ग) और चाकुलिया (कांकी मार्ग) सहित कई स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा रायगंज-कोचबिहार एक्सप्रेस रूट पर भी निजी बसों का परिचालन ठप हो गया है। वर्तमान में जिले में केवल पांच लोकल और पांच एक्सप्रेस रूटों पर 42 निजी बसें संचालित हो रही हैं। सप्ताहांत और छुट्टियों के दिनों में यह संख्या बढ़कर 45 से 50 तक पहुंचती है। उत्तर दिनाजपुर बस-मिनीबस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव प्लाबन प्रमाणिक ने बताया कि एक समय संगठन के अंतर्गत लगभग 160 बसें संचालित होती थीं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बस किराए में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा अन्य परिचालन खर्च भी तेजी से बढ़े हैं। कई मामलों में बस मालिकों की लागत तक नहीं निकल पा रही है। बस कर्मचारियों को नियमित वेतन देना भी मुश्किल हो गया है, जिसके कारण वे अन्य रोजगार की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के लिए फिटनेस शुल्क 30 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं टोल टैक्स 650 रुपये से बढ़कर 1,600 रुपये हो गया है। बीमा प्रीमियम में लगभग 40 प्रतिशत और वाहन के पुर्जों की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्लाबन प्रमाणिक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बस किराए में संशोधन नहीं किया गया और डीजल व अन्य परिचालन खर्चों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में निजी बस सेवा पूरी तरह चरमरा सकती है। बस सेवाएं बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।