डेंगू का बढ़ता खतरा 
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पूजा से पहले बंगाल में डेंगू का बढ़ा खतरा, 85 ब्लॉक समेत 29 नगरपालिकाएं हॉटस्पॉट घोषित

Megha

कोलकाता : दुर्गापूजा से पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में डेंगू संक्रमितों की संख्या 5 हजार के पार पहुंच गई है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में निगरानी बढ़ा दी है। संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां डेंगू की जांच और निगरानी तेज कर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के 85 ब्लॉक, 278 ग्राम पंचायत और 29 नगरपालिकाओं को डेंगू हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ डेंगू की जांच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही दुर्गापूजा के पंडालों में भी मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों पर नजर रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूजा आयोजकों के साथ बैठक कर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

घर-घर निगरानी, पानी जमा होने से रोकने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर भी निगरानी कर रही है। लोगों को घर की पानी की टंकी और चोबच्चे को ढककर रखने की सलाह दी जा रही है। यदि ढक्कन की व्यवस्था संभव नहीं है तो मच्छरदानी या जाली से उन्हें ढकने को कहा गया है। छतों पर रखे फूलों के गमले और पुराने या बेकार पड़े बर्तनों में पानी जमा न हो, इसे लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

इसके अलावा सूखे पड़े कंटेनर, आइसक्रीम के खाली कप, चाय के मिट्टी के कुल्हड़ और नारियल के छिलकों में पानी जमा होने से रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कूड़े के ढेर में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पैदा न हो, इस पर भी निगरानी रखी जा रही है।

तालाब, नालों और कारखानों पर भी नजर

डेंगू की रोकथाम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेजों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित रूप से डेंगू जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग तालाब, नाले, जलजमाव वाले गड्ढे, सूखी नहर, लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए जा रहे कुओं और कारखानों में भी निगरानी कर रहा है। मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार लार्वीसाइड के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

ऐसे तय होते हैं डेंगू हॉटस्पॉट

स्वास्थ्य विभाग के मानदंड के अनुसार किसी गांव में 5 से अधिक डेंगू मरीज मिलने पर उसे हॉटस्पॉट माना जाता है। वहीं किसी ग्राम पंचायत में 10 या उससे अधिक मरीज मिलने पर वह क्षेत्र हॉटस्पॉट की श्रेणी में आता है। किसी ब्लॉक में 30 से अधिक डेंगू संक्रमित मिलने पर उसे हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। शहरी क्षेत्रों में किसी वार्ड में 5 से अधिक मरीज मिलने पर उस वार्ड को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाता है।

राज्य में सबसे अधिक डेंगू मरीज मुर्शिदाबाद में मिले हैं। इसके बाद कोलकाता दूसरे स्थान पर है। कोलकाता के सियालदह, बड़ा बाजार, टॉलीगंज, कसबा, ढाकुरिया, सिंथी और पाइकपाड़ा इलाकों में भी डेंगू के कई मामले सामने आए हैं। दक्षिण 24 परगना के भांगर-1 और भांगर-2 ब्लॉक में भी डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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