नदिया : साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता किराये पर देने के आरोप में पुलिस ने तीन दिनों के भीतर 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में एक युवती भी शामिल है। इनमें अकेले तेहट्ट थाना क्षेत्र के 27 लोग हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों की उम्र 23 से 24 वर्ष के बीच है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साइबर ठगी से हासिल रकम को सीधे किसी एक बैंक खाते में रखने के बजाय कई खातों के माध्यम से घुमाया जाता था, ताकि रकम के वास्तविक स्रोत और गंतव्य का पता न चल सके। आरोप है कि इसी उद्देश्य से साइबर अपराधी लोगों के बैंक खाते किराये पर लेते थे। इसके बदले खाता मालिकों को लेनदेन की रकम पर 2 से 3 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था।
पुलिस का दावा है कि कई लोगों को खाते में होने वाले अवैध लेनदेन की जानकारी थी। इसके बावजूद रुपये के लालच में उन्होंने अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दिये। कुछ मामलों में अवैध मोबाइल ऐप के जरिए भी रकम के लेनदेन का आरोप सामने आया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद तेहट्ट और पलाशीपाड़ा थाने की पुलिस ने बेताई, नाजिरपुर, कनाइनगर समेत कई इलाकों में अभियान चलाया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन और उनके मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। इसके जरिए ठगी की रकम के वास्तविक गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुलिस की प्राथमिकता अब केवल खाता मालिकों तक सीमित नहीं है। जांच का मुख्य फोकस साइबर ठगी के मास्टरमाइंड और उनके लिए खाता उपलब्ध कराने वाले बिचौलियों तक पहुंचना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क किन-किन साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था।