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बालीगंज में बैठकर अमरीकी नागरिकों को लगाते थे चूना

Deepak Sanmarg

महानगर के फ्लैट में चल रहे कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 19 गिरफ्तार

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बालीगंज में बैठकर अमरीकी नागरिकों से ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले गिरोह का कोलकाता पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वर्चुअली हाईटेक तरीके से खास कोलकाता में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर ठगी का गोरखधंधा चल रहा था। एक शिकायत के आधार पर लालबाजार के डीडी के अधिकारियों को फर्जी कॉल सेंटर की जानकारी मिली। कोलकाता पुलिस के एंटी राउडी स्क्वाड ने बालीगंज इलाके में छापेमारी की और वहां से 19 युवकों को गिरफ्तार किया। घटना बालीगंज थानांतर्गत मुलेन रोड की है। अभियुक्तों के नाम शेख सोहेब अली, शेख फरहान कमल, मो.वाजिद, मो.हरीश अयाज, शेख अनवर हुसैन, मिस्बाह उलहक, मो.सुफियान, मो.जुनैद, अलसाबा इमरान नसीर, नोएम खान, हमजा इकबाल, मो.अजान, उमैद अली, सैफ इकबाल, शाह फैजल, अदिल हुसैन, नूर अहमद, मो.उस्मान और अफरोजअहमद हैं। उन सभी अभियुक्तों की उम्र 20 से 34 वर्ष के बीच है। यहां पर एक फ्लैट के अंदर फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने वहां से ढेर सारे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद करने के बाद फ्लैट को सील कर दिया। अभियुक्तों को अदालत में पेश करने पर उन्हें 19 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह अवैध कॉल सेंटर बालीगंज के मुलेन रोड स्थित एक फ्लैट में कई दिनों से चल रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह के सदस्य अमरीकी नागरिकों को नॉर्टन एंटी-वायरस इंस्टॉल करने का लुभावने ऑफर देते थे। गिरोह के मुख्य टार्गेट अमरीकी नागरिक थे। कंप्यूटर या लैपटॉप पर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के नाम पर मशीनों को हैक करके डेटा चोरी करना। फिर ग्राहकों को सैकड़ों डॉलर मूल्य के गिफ्ट कूपन खरीदने के लिए मजबूर किया गया। बाद में ठगी की रकम गिरोह के सरगना के बैंक अकाउंट में आ जाती थी। इस तरह जालसाज अपना बैंक बैलेंस बढ़ा रहे थे। लालबाजार खुफिया विभाग ने वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप के आधार पर एक जांच शुरू की। पुलिस ने बालीगंज में इस फर्जी कॉल सेंटर की लोकेशन का पता लगाया। सोमवार की रात एंटी राउडी स्क्वाड के अधिकारियों ने वहां छापेमारी कर कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी मिलकर यहां से अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। फ्लैट से राउटर, लैपटॉप, मोबाइल बरामद हुआ है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस गिरोह के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है।

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