मेदिनीपुर : तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के आप्त सहायक सुमित राय को शनिवार को आठ दिनों की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद मेदिनीपुर सीजेएम अदालत में पेश किया गया। शालबनी जमीन मामले में गिरफ्तार सुमित के साथ इस मामले में गिरफ्तार अमित घोष, नित्य राय और लक्ष्मीकांत भुइयां को भी अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर मेदिनीपुर कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
सुमित को दोबारा हिरासत में लेने के लिए सीआईडी अदालत में आवेदन करेगी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि सीआईडी के अधिकारी कोलकाता से मेदिनीपुर के लिए रवाना हो चुके हैं।
सुमित की पत्नी ने गुरुवार को अपने पति से मिलने की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन किया था। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद शनिवार को सुमित की पेशी को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
शालबनी जमीन मामले में सुमित को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। शीर्ष अदालत ने उनका सुरक्षा कवच हटाने के साथ ही अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी थी। इसके बाद सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया। सुमित को कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास से गिरफ्तार किया गया था। उस समय अभिषेक बनर्जी विदेश में आंखों का इलाज कराने गए थे।
जांच अधिकारियों का आरोप है कि सुमित ने जांच में सहयोग नहीं किया और पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने से बचते रहे। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं।
शालबनी जमीन मामले में इससे पहले पूर्व तृणमूल विधायक सुजय हाजरा को गिरफ्तार किया गया था। सीआईडी की ओर से दाखिल 14 पन्नों की चार्जशीट में सुजय हाजरा समेत चार लोगों के नाम हैं। हालांकि, उस चार्जशीट में सुमित राय का नाम नहीं है।
सीआईडी ने अदालत को बताया है कि सुमित से पूछताछ की जरूरत है। जांच एजेंसी इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है और उसमें सुमित का नाम शामिल किए जाने की संभावना है।