कोलकाता : दूसरे विश्व युद्ध के समय के ऐतिहासिक पुरुलिया के छर्रा एयरफील्ड आखिरकार अपने पुनरुद्धार की राह पर है। पश्चिम बंगाल सरकार के आवेदन पर छर्रा एयरफील्ड को पूरी तरह कॉमर्शियल एयरपोर्ट के तौर पर संचालित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) द्वारा वर्ष 2023 में प्री फिजिबिलिटी स्टडी पूरी कर ली गयी। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ के तहत इस परियोजना के द्वारा पुरुलिया से बाकी के भारत को जोड़ा जा सकेगा जिससे पर्यटन में विकास के साथ ही रोजगार के अवसरों का सृजन होगा और व्यवसाय व निवेश के नये अवसर खुलेंगे। इस संबंध में भाजपा के राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर किसन मोहोल ने उक्त बातें कही। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है। एक बार वे छर्रा को उड़ान योजना के तहत शामिल करने हेतु आवेदन करते हैं तो इसे भविष्य की बोली प्रक्रिया के लिए विचार किया जा सकता है।
इधर, कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एएआई द्वारा सेकेंडरी रनवे ‘के’ और ‘ए’ टैक्सीवे के रिजिड पोजिशन के पुनःनिर्माण व ‘सी’ टैक्सीवे को मजबूत करने का काम चालू किया है। चरणबद्ध तरीके से यह काम पूरा किया जायेगा जिसका पहला चरण पूरा कर लिया गया है। एयरपोर्ट परियोजनाओं का पूरा होना कई चीजों पर निर्भर करता है जिनमें भूमि अधिग्रहण, आवश्यक क्लीयरेंस की उपलब्धता आदि शामिल हैं। एयरपोर्ट का विस्तारीकरण और अपग्रेडेशन लगातार प्रक्रिया है और समय-समय पर जमीनों की उपलब्धता के अनुसार एयरपोर्ट ऑपरेटरों द्वारा इसे किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल कोलकाता एयरपोर्ट पर नयी इंटिग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण कार्य चालू नहीं है।