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ऊर्जा और खनन क्षेत्र के CPSEs में परियोजना एवं परिसंपत्ति प्रबंधन को मजबूत करने पर मंथन

भारत CPSE परामर्श सम्मेलन 2026 संपन्न

नई दिल्ली/वडोदरा : गति शक्ति विश्वविद्यालय (Gati Shakti Vishwavidyalaya-GSV), क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission-CBC) और सार्वजनिक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises-DPE) द्वारा आयोजित तीसरा भारत CPSE परामर्श सम्मेलन (Bharat CPSEs' Consultative Conclave) 2026 का तीन दिवसीय आयोजन 25 जुलाई को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सम्मेलन में ऊर्जा एवं खनन क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) में परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्ति प्रबंधन और संगठनात्मक उत्कृष्टता को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।

यह सम्मेलन वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE), क्षमता निर्माण आयोग (CBC) और गति शक्ति विश्वविद्यालय (GSV) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें GSV ने रणनीतिक ज्ञान साझेदार (Knowledge Partner) की भूमिका निभाई। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विभिन्न CPSEs के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन के दौरान परियोजनाओं की योजना निर्माण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), अनुबंध प्रबंधन, भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्ति जीवनचक्र प्रबंधन, डीप-टेक तकनीकों के उपयोग तथा पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन विचार-विमर्श के आधार पर CPSE सुधार एजेंडा तैयार करने की दिशा में भी सुझाव दिए गए।

इस सम्मेलन में NTPC, कोल इंडिया, भारत कोकिंग कोल, BPCL, HPCL, इंडियन ऑयल, ONGC, ONGC विदेश, ऑयल इंडिया, MRPL, GAIL, SAIL, MECON, NMDC, हिंदुस्तान कॉपर, NALCO, NHPC, SJVN और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया सहित 19 प्रमुख CPSEs के कुल 39 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने परियोजनाओं की सफलता में प्रभावी अनुबंध प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। वहीं, सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव के. मोसेस चलई ने परिसंपत्ति एवं परियोजना प्रबंधन में नवाचार और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली अपनाने की आवश्यकता बताई।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी ने कहा कि इस सम्मेलन ने सहयोगात्मक सीखने और डेटा आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है। उन्होंने रेलवे, राजमार्ग, विमानन, समुद्री परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के लिए GSV के बढ़ते योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने CBC और GSV के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह साझेदारी देश के अवसंरचना क्षेत्र में पेशेवर क्षमता निर्माण को नई दिशा देगी।

क्षमता निर्माण आयोग की सदस्य (प्रशासन) डॉ. अलका मित्तल ने अपने समापन संबोधन में कहा कि सम्मेलन के दौरान परियोजनाओं में देरी के कारणों, कार्य संस्कृति, अनुशासन, नीतिगत सहयोग और तकनीक की भूमिका पर खुलकर चर्चा हुई। उन्होंने घोषणा की कि CBC और GSV सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर "भारत CPSE कम्पेंडियम ऑफ बेस्ट प्रैक्टिसेज" प्रकाशित करेंगे, जो विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के लिए मार्गदर्शिका का कार्य करेगा।

डॉ. अलका मित्तल ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए GSV के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी तथा प्रो. कौशिक दास सहित पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अवसंरचना क्षेत्र में क्षमता निर्माण हेतु CBC और GSV का सहयोग आगे भी जारी रहेगा।

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