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1853 की ओर वापसी: भारत की पहली ट्रेन यात्रा के सम्मान मे पूर्व रेलवे का व्यापक स्वच्छता अभियान

कोलकाता : 16 अप्रैल, 1853 को इतिहास रचा गया था, जब भारत की पहली यात्री ट्रेन बोरी बंदर(मुंबई)से ठाणे के लिए रवाना हुई थी। भारतीय रेल के इस 173वें "जन्मदिन" के उपलक्ष्य में, पूर्व रेलवे इस उपलब्धि को एक स्वच्छ भविष्य के मिशन में बदल रहा है। इसके तहत 15 अप्रैल से 14 मई तक एक महीने तक चलने वाला व्यापक स्वच्छता जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 16 अप्रैल को विशेष रूप से कोच और ट्रैक की स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पूर्व रेलवे के माननीय महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर ने कहा कि जिस दिन भारतीय रेल के पहिए पहली बार भारत की धरती पर घूमे थे, उस दिन को मनाते हुए वे अपनी विरासत का सम्मान एक स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव के संकल्प के साथ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए स्वच्छ और सतत भविष्य का वादा भी है।

महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में, यह अभियान पूर्व रेलवे नेटवर्क के हर कोने तक पहुंचेगा, जिसमें सभी प्रधान विभागाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, मंडल अधिकारी और प्रत्येक कर्मचारी की पूर्ण भागीदारी होगी। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स भी पूरी तरह से इसमें शामिल होंगे और रेलवे कॉलोनियों, रेलवे स्कूलों, रेलवे कार्यालयों, रेलवे अस्पतालों, स्वास्थ्य इकाइयों और स्काउट्स एंड गाइड्स इकाइयों के निकट स्थित महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर अभियान को ऊर्जा प्रदान करेंगे।

जनसंपर्क को मजबूत करने के लिए 16 अप्रैल को एक विशेष पहल के तहत महाप्रबंधक यात्रियों से सीधे संवाद करेंगे। इन संवादों के दौरान वे यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे और उनसे व्यक्तिगत रूप से फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। मंडल रेल प्रबंधक अपने-अपने मंडलों में यात्रियों से बातचीत करेंगे। कुछ प्रधानाविभागाध्यक्ष भी यात्रा करेंगे और यात्रियों से स्वच्छता अभियान और रेलवे को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में इसकी आवश्यकता के बारे में बातचीत करेंगे।

सामुदायिक भागीदारी को और बढ़ावा देने के लिए स्वच्छता अभियान के अंतर्गत एक स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के विषयों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन और रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा रखने जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

यह अभियान भारतीय रेल की विरासत को उच्चतम नागरिक जिम्मेदारी के मानकों के साथ जोड़ने का एक सामूहिक प्रयास है। पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एवं पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य सचिव श्री शिबराम माझि ने कहा कि उनका उद्देश्य स्वच्छता को एक आदत बनाना है, न कि केवल एक दिन का आयोजन। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों और आम जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी से यात्रियों के साथ एक मजबूत संबंध स्थापित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके स्वयंसेवक स्टेशनों और कॉलोनियों में सक्रिय रूप से काम करने के लिए तैयार हैं, ताकि हर नागरिक को रेलवे को अपने घर की तरह साफ-सुथरा रखने के लिए प्रेरित किया जा सके।

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