सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूर्वी भारत की रेल कनेक्टिविटी में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22587) ने अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत की। यह पहली बार है जब अमृत भारत श्रेणी की कोई ट्रेन सीधे सियालदह और बनारस दो प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ रही है। यह ट्रेन यात्रियों को आधुनिक रेल तकनीक के साथ तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देगी। इस अमृत भारत एक्सप्रेस की सबसे बड़ी विशेषता इसके दोनों सिरों पर लगे इंजन हैं, जो बेहतर गति, संतुलन और झटके रहित यात्रा सुनिश्चित करते हैं। यह व्यवस्था इसे आधुनिक रेल यात्रा का एक अग्रणी उदाहरण बनाती है।
सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस (22587) सप्ताह में तीन दिन शनिवार, सोमवार और बुधवार को सियालदह से शाम 19:30 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन का प्रमुख ठहराव दुर्गापुर (21:19/21:21), आसनसोल जंक्शन (21:42/21:45), मधुपुर जंक्शन (22:35/22:37) और जसीडीह जंक्शन (22:56/22:58) पर होगा। इसके बाद अगले दिन यह पटना जंक्शन (02:43/02:50) और पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (06:10/06:15) होते हुए सुबह 07:20 बजे बनारस पहुंचेगी। वहीं, बनारस–सियालदह अमृत भारत एक्सप्रेस (22588) सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार, रविवार और मंगलवार को बनारस से रात 22:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 09:55 बजे सियालदह पहुंचेगी।
इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए गए हैं, जिनमें 8 स्लीपर क्लास, 8 जनरल सेकेंड क्लास तथा 2 एलएसएलआरडीपीपी (दिव्यांगजन अनुकूल) कोच शामिल हैं।
सियालदह स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस का आगमन न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार का प्रतीक है, बल्कि यह लंबी दूरी की रेल यात्रा को तेज, सुगम और अधिक किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। यह सेवा पूर्वी भारत और उत्तर भारत के बीच संपर्क को और सशक्त बनाएगी तथा यात्रियों को एक नई, ऊर्जावान और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।