मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: सियालदह रेलवे मंडल के अंतर्गत बेलियाघाटा रेल पुल (रेल ओवरब्रिज) को उसकी जर्जर स्थिति के कारण ध्वस्त कर नए सिरे से बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे का कहना है कि करीब 124 वर्ष पुराने इस पुल की संरचना अब काफी कमजोर हो चुकी है और यात्रियों व आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसका पुनर्निर्माण आवश्यक हो गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, नया पुल आधुनिक तकनीक और अधिक वहन क्षमता के साथ तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण से भविष्य में यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। हालांकि, पुल को तोड़ने और नए निर्माण के दौरान इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों और रोजाना आने-जाने वालों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बेलियाघाटा रेल पुल इलाके का एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। यदि इसे लंबे समय के लिए बंद किया जाता है तो लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे आवागमन में अतिरिक्त समय लगेगा और ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ सकता है। कई लोगों ने रेलवे और प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पुल के पुनर्निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास होगा ताकि रेल और सड़क यातायात पर न्यूनतम असर पड़े। परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सर्वेक्षण और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं। बेलियाघाटा रेल पुल ब्रिटिश काल में निर्मित महत्वपूर्ण संरचनाओं में से एक माना जाता है और वर्षों से सियालदह क्षेत्र के लोगों के लिए एक अहम संपर्क मार्ग रहा है। अब इसकी जगह बनने वाला नया पुल आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगा, जिससे आने वाले वर्षों में लोगों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सकेगा।