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शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर 69 हजार करोड़ का निवेश

देश-विदेश में पढ़ाई के लिए 10 लाख तक का ऋण, ब्याज दर 4 प्रतिशत

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास की दिशा में शिक्षा को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2011 से अब तक करीब 69,000 करोड़ रुपये का निवेश शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया है। यह जानकारी विधानसभा में स्पीकर को संबोधित करते हुए सरकार की ओर से दी गई। सरकारी वक्तव्य के अनुसार, वर्ष 2011 में जहां राज्य में 12 विश्वविद्यालय थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर अब 42 हो गई है। इसी अवधि में कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर 500 से अधिक हो गई है, जिससे उच्च शिक्षा तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर कम करने और खासकर बालिकाओं की स्कूल उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सबूज साथी’ योजना के तहत अब तक 1.44 करोड़ साइकिलें छात्रों को वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए ऐक्यश्री, शिक्षाश्री और मेधाश्री जैसी छात्रवृत्ति योजनाओं से अब तक 4.5 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘तरुणेर स्वप्न’ योजना के तहत 53 लाख से अधिक छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण सामग्री, परीक्षाओं और रोजगार संबंधी सूचनाओं तक पहुंच मिली है। उच्च शिक्षा में आर्थिक बाधाएं दूर करने के लिए लागू स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक 1 लाख से अधिक छात्रों को 3,800 करोड़ रुपये से अधिक के शिक्षा ऋण प्रदान किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक का ऋण, 4 प्रतिशत साधारण ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, जो देश और विदेश दोनों में पढ़ाई के लिए मान्य है। सरकार ने दावा किया कि इन पहलों से राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक समानता और युवाओं के सशक्तीकरण को भी नई दिशा मिली है।

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