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ताइवान में भी अमिताभ-शाहरुख के फैंस: राजदूत

ताइवान में भी है अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के प्रशंसकों का बड़ा वर्ग, भारतीय सितारों को वहां बुलाना चाहते हैं मुमिन चेन

Muskan Lall

ताइवान में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के भी प्रशंसक हैं। जब भी ये सितारे किसी फिल्म की शूटिंग के लिए ताइवान जाएंगे, तो यह बड़ी खबर होगी। भारत में ताइवान के प्रतिनिधि और भारतीय फिल्मों के शौकीन मुमिन चेन ने यह बात कही। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारतीय फिल्म जगत के बड़े सितारे ताइवान का दौरा करेंगे और भारतीय फिल्मों की शूटिंग के लिए यह द्वीप एक प्रमुख गंतव्य बन सकेगा।

त्रिवेणी कला संगम में आयोजित ताइवान फिल्म महोत्सव के दौरान पीटीआई से बातचीत में चेन ने भारत और ताइवान के बीच सिनेमाई सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। भारत में ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के प्रमुख चेन ने कहा कि शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे मशहूर भारतीय अभिनेता अब तक ताइवान नहीं गए हैं। उन्होंने कहा, “ताइवान में उनके प्रशंसक हैं। अगर उन्हें ताइवान आने का मौका मिलता है, तो यह बड़ी खबर होगी।”

चेन ने उम्मीद जताई कि ताइवान और भारत के कलाकार साथ काम करेंगे और भारतीय फिल्म निर्माता ताइवान में फिल्मों की शूटिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि ताइवान में खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के साथ आधुनिक शहर भी हैं, जो फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त हैं। ताइवान की राष्ट्रीय बेसबॉल टीम की विश्व चैंपियनशिप जीतने की यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘हीरो! हितो!’ की स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता भारत तक सीमित नहीं है। ताइवान के लोग नेटफ्लिक्स और अन्य ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तेजी से बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं।

चेन ने कहा, “भारत बहुत बड़ा फिल्म निर्माण करने वाला देश है। भारतीय फिल्में सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि भारत के बाहर भी बेहद लोकप्रिय हैं। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में भारत और ताइवान मिलकर फिल्में बनाने के लिए सहयोग करेंगे।” उन्होंने बताया कि अब तक देखी गई कई बॉलीवुड फिल्मों में से अपनी पसंदीदा फिल्म चुनना उनके लिए मुश्किल है। वह हर सप्ताह नई फिल्में देखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव में फिल्में देखने आए कई ताइवानी लोग भारतीय संस्कृति के प्रशंसक हैं। वे भारतीय कला और नृत्य सीखते हैं और इस आयोजन में भी शामिल हो रहे हैं।

इस वर्ष महोत्सव में छह फिल्में दिखाई जा रही हैं, जिनमें पुरस्कार विजेता फिल्में ‘डियर टेनेंट’ और ‘अलिफू’ भी शामिल हैं। चेन ने कहा कि महोत्सव का व्यापक उद्देश्य भारतीय दर्शकों को ताइवान और वहां के लोगों की भावनाओं एवं विचारों से परिचित कराना है। उन्होंने ‘हीरो! हितो!’ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह खेल पर आधारित फिल्म है, लेकिन इसे देखने के लिए बेसबॉल का प्रशंसक होना या इस खेल के बारे में जानना जरूरी नहीं है। फिल्म से दर्शक समझ सकते हैं कि ताइवान के लोग अपने राष्ट्रीय खेल और टीम से कितना लगाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि यही ताइवान की भावना है, जिसे वे भारतीय दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं।

अब तक यह महोत्सव मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होता रहा है, लेकिन इस साल पहली बार इसका आयोजन मुंबई में भी होगा। मुंबई में महोत्सव की शुरुआत 31 अक्टूबर को होगी, जबकि दिल्ली में इसका समापन 25 अक्टूबर को होगा।

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