उमराव जान और गजल का नया दौर चित्र इंटरनेट से साभार
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आशा भोंसले : 'उमराव जान' और गजल गायकी का नया दौर (1981)

1981 में आशा भोंसले ने गजल गायकी में अपना हाथ आजमाया। उन्होंने फिल्म 'उमराव जान' में 'दिल चीज क्या है', 'इन आंखों की मस्ती के', 'ये क्या जगह है दोस्तों' और 'जुस्तजू जिसकी थी' जैसी गजलों को गाकर सभी का दिल खुश कर दिया था । इस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर खय्याम थे, जिन्होंने आशा की आवाज को लो पिच पर ला दिया था। इन्हीं गजलों ने उन्हें उनका पहला नेशनल अवॉर्ड दिलवाया। इसके बाद उन्हें फिल्म 'इजाजत' के अपने गाने 'मेरा कुछ सामान' के लिए अपना दूसरा नेशनल अवॉर्ड मिला।

1995 में आशा भोंसले ने 62 साल की उम्र में एक्ट्रेस उर्मिला मतोंडकर को अपनी आवाज दी। उर्मिला की फिल्म 'रंगीला' के गाने 'तन्हा तन्हा' और 'रंगीला रे' उन्होंने गाए । 2000 में दशक में आई 'लगान' के गाने 'राधा कैसे न जले', फिल्म 'प्यार तूने क्या किया' के गाने 'कमबख्त इश्क', फिल्म 'लकी' के गाने 'लकी लिप्स' को आशा भोसले ने ही गाया था. ये सभी गाने आगे चलकर सुपरहिट हुए।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

साल 2013 में आशा भोंसले ने अपना एक्टिंग डेब्यू किया था । 79 साल की आशा को फिल्म 'माई' में एक 65 साल की महिला के रोल में देखा गया था, जो अल्जाइमर की मरीज है । महिला को उसके बच्चे छोड़ जाते हैं । अपने काम के लिए क्रिटिक्स से आशा भोंसले को तारीफ मिली थी । मई 2020 में आशा ने आशा भोसले ऑफिशियल के नाम से अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च किया था । हिंदी, बांग्ला, मराठी समेत आशा भोसले ने अपने करियर में 20 भाषाओं में गाने गाए। इसके चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था।

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