रुखसार रहमान 
मनोरंजन

मुझे अपनी किस्मत पर पूरा भरोसा है : रुख़सार रहमान

बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्री रुख़सार रहमान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म उत्तर दा पुत्तर को लेकर चर्चा में हैं, जो 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। इस खास बातचीत में रुख़सार ने फिल्म की कहानी, अपने किरदार और अंधविश्वास बनाम विज्ञान जैसे दिलचस्प विषयों पर खुलकर बात की। उन्होंने अनु कपूर और निर्देशक संदीप कपूर के साथ काम करने का अनुभव साझा किया, अपने अभिनय सफर के उतार-चढ़ाव पर विचार रखे और आने वाली फिल्मों बंटवारा तथा आवारापन 2 को लेकर भी दिलचस्प जानकारियाँ दीं। पेश है रुख़सार रहमान के साथ यह विशेष बातचीत-

उत्तर दा पुत्तर सिर्फ़ एक कॉमेडी फिल्म नहीं है। यह उन मान्यताओं और परंपराओं की कहानी है जिनके साथ हम भारतीय बड़े होते हैं।

उत्तर दा पुत्तर 24 जुलाई को रिलीज़ हो रही है। अपने किरदार और फिल्म के बारे में कुछ बताइए ।

रुख़सार रहमान : मैं अपने किरदार के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बताना चाहूँगी, क्योंकि फिल्म में कई ऐसे पहलू हैं जिन्हें दर्शकों को खुद देखकर महसूस करना चाहिए। इतना ज़रूर कहूँगी कि उत्तर दा पुत्तर सिर्फ़ एक कॉमेडी फिल्म नहीं है। यह उन मान्यताओं और परंपराओं की कहानी है जिनके साथ हम भारतीय बड़े होते हैं। फिल्म किसी भी अंधविश्वास या परंपरा का मज़ाक नहीं उड़ाती, बल्कि यह दिखाती है कि एक साइंस प्रोफेसर, जो विज्ञान का आदमी होने के बावजूद वास्तु और कुछ मान्यताओं में गहरा विश्वास रखता है, उसकी ज़िंदगी में क्या होता है। मैं उनकी पत्नी का किरदार निभा रही हूँ, जो इस कहानी का एक बेहद अहम हिस्सा है।

फिल्म अंधविश्वास पर आधारित है। क्या आप खुद अंधविश्वासी हैं ?

रुख़सार रहमान : बिलकुल नहीं। फिल्म इंडस्ट्री में लोग न्यूमरोलॉजी, नाम की स्पेलिंग बदलने या दूसरी मान्यताओं पर विश्वास करते हैं, लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से इन चीज़ों में विश्वास नहीं करती।

मुझे लगता है कि इंसान को उम्मीद की ज़रूरत होती है

फिर अंधविश्वास को आप किस नज़रिए से देखती हैं?

रुख़सार रहमान : मुझे लगता है कि इंसान को उम्मीद की ज़रूरत होती है। कई बार कुछ मान्यताएँ लोगों को मानसिक सहारा देती हैं और उसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन जब वही विश्वास हद से ज़्यादा बढ़ जाता है और आपकी ज़िंदगी पर हावी होने लगता है, तब वह सही नहीं रहता। हमारी फिल्म भी इसी बात को दिखाती है।

मेरा मानना है कि जो आपके लिए लिखा है, वह आपको ज़रूर मिलेगा।

आपने उम्मीद और किस्मत की बात की। आप भाग्य में कितना विश्वास रखती हैं?

रुख़सार रहमान : मुझे अपनी किस्मत पर पूरा भरोसा है। मेरा मानना है कि जो आपके लिए लिखा है, वह आपको ज़रूर मिलेगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मेहनत न करें। मेहनत करना बहुत ज़रूरी है। मैं यह भी मानती हूँ कि जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए होता है। कई बार बुरा समय भी हमें किसी और बड़ी मुश्किल से बचा लेता है।

एक अभिनेता की ज़िंदगी किसी नौ से पाँच वाली नौकरी जैसी नहीं होती। हर शुक्रवार आपकी परीक्षा होती है।
रुख़सार रहमान

अभिनय की दुनिया में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। आपने अपने मुश्किल दौर को कैसे संभाला ?

रुख़सार रहमान : एक अभिनेता की ज़िंदगी किसी नौ से पाँच वाली नौकरी जैसी नहीं होती। हर शुक्रवार आपकी परीक्षा होती है। सफलता और असफलता दोनों इस पेशे का हिस्सा हैं। मुश्किल समय ज़रूर प्रभावित करता है, लेकिन धीरे-धीरे आप धैर्य रखना, लगातार मेहनत करना और सही समय का इंतज़ार करना सीख जाते हैं।

इस फिल्म में आपने अनु कपूर के साथ काम किया है। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?

रुख़सार रहमान : बहुत ही शानदार। अनु कपूर जी बेहद प्रतिभाशाली और ज्ञानवान इंसान हैं। वह बेहतरीन अभिनेता हैं, शानदार गायक हैं, संगीत भी समझते हैं और मंच पर भी कमाल करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वह बहुत ही सुरक्षित (Secure) अभिनेता हैं। उन्हें अपने अभिनय पर पूरा भरोसा है और यही वजह है कि उनके साथ काम करना बेहद सहज और सीखने वाला अनुभव बन जाता है।

मुझे ऐसा लगा कि मैं अभिनय नहीं कर रही हूँ, बल्कि सचमुच वही किरदार बन गई हूँ। मेरी आँखों में अपने आप आँसू आ गए। अपने पूरे करियर में पहली बार मैंने ऐसा अनुभव किया।

शूटिंग का कोई ऐसा अनुभव जो हमेशा याद रहेगा?

रुख़सार रहमान : हमारी पहली शूटिंग देहरादून में हुई थी। पहला ही सीन एक छोटा-सा भावनात्मक दृश्य था। जब अनु कपूर जी मेरे सामने संवाद बोल रहे थे, तो मैं पूरी तरह अपने किरदार में खो गई। मुझे ऐसा लगा कि मैं अभिनय नहीं कर रही हूँ, बल्कि सचमुच वही किरदार बन गई हूँ। मेरी आँखों में अपने आप आँसू आ गए। अपने पूरे करियर में पहली बार मैंने ऐसा अनुभव किया।

जितना बड़ा और अनुभवी कलाकार होता है, उतना ही विनम्र और सुरक्षित होता है। वह आपको कभी असहज महसूस नहीं कराता

क्या बड़े कलाकार अपने सह-कलाकारों के अभिनय को भी बेहतर बना देते हैं ?

रुख़सार रहमान : बिलकुल। जितना बड़ा और अनुभवी कलाकार होता है, उतना ही विनम्र और सुरक्षित होता है। वह आपको कभी असहज महसूस नहीं कराता। उनके साथ काम करते हुए आप बहुत कुछ सीखते हैं-वे सीन कैसे तैयार करते हैं, कैसे सोचते हैं और कैसे अभिनय करते हैं। ऐसे कलाकारों के साथ काम करना अपने आप में एक सीख होती है।

मैंने किसी भी माध्यम को अलविदा नहीं कहा है

आपने थिएटर, टेलीविज़न, फिल्में और ओटीटी-हर माध्यम में काम किया है। क्या आप फिर से टेलीविज़न पर लौटना चाहेंगी ?

रुख़सार रहमान : बिलकुल। मैंने किसी भी माध्यम को अलविदा नहीं कहा है। मैं थिएटर, टीवी, फिल्म और ओटीटी-हर प्लेटफ़ॉर्म पर काम कर चुकी हूँ और आगे भी जहाँ अच्छा काम मिलेगा, वहाँ ज़रूर काम करूँगी।

'उत्तर दा पुत्तर' के अलावा आपकी आने वाली फिल्मों के बारे में बताइए।

रुख़सार रहमान : मैं राजकुमार संतोषी सर की फिल्म बंटवारा का हिस्सा हूँ, जो 14 अगस्त को रिलीज़ होगी। इसके अलावा मैं आवारापन 2 में भी नज़र आऊँगी। दोनों ही प्रोजेक्ट्स मेरे लिए बेहद खास हैं।

राजकुमार संतोषी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

रुख़सार रहमान : उनके बारे में कुछ कहना मेरे लिए आसान नहीं है। वह भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली निर्देशकों में से एक हैं। उनकी फिल्मों की रेंज कमाल की है। 'अंदाज़ अपना अपना' जैसी कॉमेडी बनाने वाले निर्देशक का इतना विविध सिनेमा रचना उनकी प्रतिभा को साबित करता है। उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है।

मैं किस्मत में विश्वास करती हूँ, लेकिन उससे ज़्यादा मेहनत में भरोसा रखती हूँ।

अपने करियर के इस नए दौर को आप किस तरह देखती हैं?

रुख़सार रहमान : मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हूँ। मैं किस्मत में विश्वास करती हूँ, लेकिन उससे ज़्यादा मेहनत में भरोसा रखती हूँ। मुझे देश के कुछ सबसे बेहतरीन निर्देशकों और कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है। इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगी और आगे भी पूरी ईमानदारी से अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती रहूँगी। -लिपिका वर्मा

(निर्देशक और निर्माता संदीप कपूर की फिल्म उत्तर दा पुत्तर 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। )

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