हरसिमरन चित्र फेसबुक से साभार
मनोरंजन

आज भी मुझे जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती है : हरसिमरन

इंटरव्यू

आपका नाम “हरसिमरन” बहुत खूबसूरत है। इसका क्या मतलब है?

हरसिमरन : “हर” का मतलब होता है हमेशा, और “सिमरन” का मतलब भगवान को याद करना । यानी हमेशा भगवान को याद करना। मुझे लगता है कि यही सोच हमेशा मेरे जीवन का हिस्सा रही है।

लोग आपको बेहद खूबसूरत लेकिन बहुत सादगी भरी लड़की के तौर पर देखते हैं। आपके लिए खूबसूरती क्या है?

हरसिमरन : मेरे लिए खूबसूरती सिर्फ चेहरे तक सीमित नहीं है। यह इस बात में है कि आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, कितने दयालु हैं और आपके जाने के बाद लोग आपको किस तरह याद करेंगे। अगर लोग आपके बारे में अच्छा बोलें, वही असली खूबसूरती है।

आपकी सादगी में आपकी परवरिश साफ झलकती है। क्या इसका श्रेय पंजाब की संस्कृति और परिवार को जाता है?

हरसिमरन : बिल्कुल । मैं पंजाब से हूं और वहां के लोग बहुत जमीन से जुड़े और दिलदार होते हैं । मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे सच्चा और वास्तविक बने रहना सिखाया । आज भी मुझे जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती है।

आप भी सपनों के साथ मुंबई आईं। इतनी प्रतिस्पर्धा में खुद को कहाँ देखती हैं?

हरसिमरन : मैं दूसरों को अपना कॉम्पिटीटर नहीं मानती। मेरा मुकाबला हमेशा खुद से होता है। हर किरदार में मैं कुछ नया करना चाहती हूं। एक कलाकार के तौर पर सबसे जरूरी है कि आप हर भूमिका में अपना अलग अंदाज़ लेकर आएं।

आपकी आने वाली फिल्म आखिरी सवाल को एक पॉलिटिकल थ्रिलर कहा जा रहा है। इस फिल्म की सबसे खास बात क्या लगी?

हरसिमरन : मुझे इस फिल्म की सबसे खास बात इसका फैक्ट-ड्रिवन होना लगा। यह फिल्म मनोरंजन के साथ ज्ञान भी देती है। मुझे लगता है कि सिनेमा आज की पीढ़ी तक महत्वपूर्ण बातें पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। शूटिंग के दौरान मुझे भी कई नई चीजें जानने को मिलीं ।

ट्रेलर में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं की झलक दिखती है। आपके किरदार से दर्शक क्या उम्मीद कर सकते हैं?

हरसिमरन : मेरा किरदार एक साधारण लड़की का है लेकिन उसके विचार बहुत मजबूत हैं। वह अपने विश्वासों को लेकर बेहद स्पष्ट और केंद्रित है। हालांकि मैं ज्यादा खुलासा नहीं करना चाहती क्योंकि इससे फिल्म का सस्पेंस खत्म हो जाएगा।

फिल्म में आपका लुक काफी अलग है, खासकर चश्मे वाला। क्या यह आपका और निर्देशक का साझा फैसला था?

हरसिमरन : जी हां। हमने किरदार के लुक पर काफी चर्चा की थी। बाद में चश्मा जोड़ने का विचार आया और वह किरदार पर बिल्कुल फिट बैठा। मुझे खुशी है कि निर्देशक ने मुझे रचनात्मक रूप से योगदान देने की आज़ादी दी।

क्या सेट पर आपको किरदार में कुछ जोड़ने की स्वतंत्रता थी?

हरसिमरन : फिल्म के डायरेक्टर बहुत कोऑपरैटिव थे। उन्होंने किरदार को विस्तार से समझाया लेकिन साथ ही मुझे अपनी तरफ से कुछ जोड़ने और स्वाभाविक अभिनय करने की भी पूरी आज़ादी दी। इससे मैं किरदार से और गहराई से जुड़ पाई।

आपने क्षेत्रीय फिल्मों में भी काम किया है और अब बॉलीवुड में कदम रख रही हैं। आपको क्या अंतर महसूस होता है?

हरसिमरन : हर इंडस्ट्री की अपनी कार्यशैली होती है। सबसे बड़ा अंतर भाषा का होता है, खासकर तेलुगु फिल्मों में काम करते समय । लेकिन आखिरकार अभिनय भावनाओं को सच्चाई से निभाने का नाम है।

इस समय आप तेलुगु, पंजाबी और हिंदी फिल्मों में एक साथ काम कर रही हैं। यह आपके लिए कितना एक्साइटिंग है?

हरसिमरन : यह समय मेरे लिए बहुत रोमांचक और विनम्र बनाने वाला है। मैंने हाल ही में एक तेलुगु फिल्म का शेड्यूल पूरा किया है, एक पंजाबी फिल्म भी आने वाली है और एक नई हिंदी फिल्म पर बातचीत चल रही है। मैं हर मौके के लिए आभारी हूं।

फिल्मी बैकग्राउंड न होने के कारण सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

हरसिमरन : सही अवसर ढूंढना और इंडस्ट्री को समझना। मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था, इसलिए मुझे सब कुछ अनुभव से सीखना पड़ा - ऑडिशन, नेटवर्किंग, किरदारों को समझना और सही लोगों तक पहुंचना। लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास रास्ता बना ही देते हैं।

आज सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऑडिशन के कारण इंडस्ट्री काफी बदल चुकी है। आप इस बदलाव को कैसे देखती हैं?

हरसिमरन : तकनीक ने बहुत कुछ बदल दिया है। अब घर बैठे ऑडिशन दिए जा सकते हैं और एजेंसियां सीधे कलाकारों से जुड़ सकती हैं। इससे कई चीजें आसान हुई हैं। हालांकि हर सिस्टम के अपने फायदे और नुकसान होते हैं, लेकिन मेहनत हर दौर में जरूरी रहती है।

सफलता की दौड़ में कई युवा मानसिक दबाव महसूस करते हैं। आप उन्हें क्या संदेश देना चाहेंगी?

हरसिमरन : आपका दिमाग आपकी सबसे बड़ी ताकत है। हर सफर में मुश्किलें आती हैं, लेकिन अगर आप खुद पर विश्वास रखते हैं तो आप उन्हें पार कर सकते हैं। सकारात्मक सोच, धैर्य और आत्मविश्वास बहुत जरूरी हैं।

आपकी फिटनेस और नैचुरल ब्यूटी की काफी तारीफ होती है। आपका फिटनेस रूटीन क्या है?

हरसिमरन : मैं संतुलन में विश्वास रखती हूं। मैं नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और योग करती हूं क्योंकि इससे पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है। मुझे घर का खाना पसंद है और मैं बहुत ज्यादा सख्त डाइट फॉलो नहीं करती।

आपने कई अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया। क्या कभी घबराहट महसूस हुई?

हरसिमरन : बिल्कुल। जब इतने बड़े कलाकार सेट पर आते हैं तो उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली होता है। लेकिन जैसे ही कैमरा शुरू होता है, हर कोई अपने किरदार में आ जाता है और मैं भी सिर्फ अपने अभिनय पर ध्यान देती हूं।

अब तक के अपने सफर को आप एक लाइन में कैसे बयान करेंगी?

हरसिमरन : यह सफर विश्वास, सादगी, मेहनत और सिनेमा के प्रति मेरे प्यार से बना है।

संजय दत्त जैसे बड़े कलाकार के साथ काम करते समय क्या आप नर्वस थीं?

हरसिमरन : शुरुआत में थोड़ी घबराहट जरूर थी। मैं सोच रही थी कि उनसे कैसे बात शुरू करूं। लेकिन जैसे ही शूट शुरू हुआ, माहौल बहुत सहज हो गया क्योंकि सेट पर सभी लोग बेहद सहयोगी थे।

संजय दत्त के साथ आपकी पहली बातचीत कैसी रही?

हरसिमरन : मैंने उनसे सबसे पहले यही कहा कि उनके साथ काम करना मेरा बचपन का सपना था। हम एक ही गांव से जुड़े हैं, इसलिए मैंने उन्हें बताया कि बचपन में मैं उनके घर के बारे में सुना करती थी। यह सुनते ही वह तुरंत मुझसे जुड़ गए।

क्या पंजाबी कनेक्शन ने आपके बीच की झिझक खत्म कर दी?

हरसिमरन : बिल्कुल। जैसे ही हमने पंजाबी में बात शुरू की, सारी घबराहट खत्म हो गई। वह बेहद विनम्र और गर्मजोशी से पेश आने वाले इंसान हैं। उनके साथ आप बहुत सहज महसूस करते हैं।

अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?

हरसिमरन : यह मेरे लिए बहुत बड़ा सीखने का अनुभव रहा। वरिष्ठ कलाकारों की ऊर्जा और अनुशासन अलग ही स्तर का होता है। उन्हें काम करते देखना अपने आप में एक सीख है।

दूसरी फिल्मों के साथ रिलीज हो रही है। बॉक्स ऑफिस क्लैश को आप कैसे देखती हैं?

हरसिमरन : हर फिल्म की अपनी पहचान और दर्शक होते हैं। जो फिल्म दर्शकों से जुड़ती है, वही आगे बढ़ती है। मुझे लगता है कि सबसे जरूरी बात यह है कि हर टीम ने अपनी फिल्म पर ईमानदारी से मेहनत की है।

फिल्म में समीरा रेड्डी की वापसी भी हो रही है। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

हरसिमरन : वह बेहद प्यारी और सहयोगी रही हैं। उन्होंने मुझे काफी गाइड किया और हमेशा सहज महसूस कराया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए बहुत खास रहा।

क्या आपको लगता है कि आखिरी सवाल अपनी स्टारकास्ट और विषय के कारण अलग पहचान बनाएगी?

हरसिमरन : मुझे पूरा विश्वास है कि फिल्म की कहानी और परफॉर्मेंस दर्शकों को प्रभावित करेंगी। और निश्चित रूप से संजय दत्त जैसे बड़े कलाकार का जुड़ना फिल्म को और खास बनाता है।

अपने करियर के इस दौर को आप कैसे देखती हैं?

हरसिमरन : ऐसा लगता है जैसे मेरा सपना धीरे-धीरे सच हो रहा है। मैं हर मौके, हर सीख और हर उस इंसान की आभारी हूं जिसने इस सफर में मेरा साथ दिया।

नए कलाकारों को आप क्या सलाह देना चाहेंगी?

हरसिमरन : हर दिन अपने हुनर पर काम कीजिए। ऑडिशन में सिर्फ संवाद मत पढ़िए, किरदार को जीने की कोशिश कीजिए। उसकी सोच, भावनाएं और व्यक्तित्व को समझिए। आखिर में फर्क वही कलाकार पैदा करता है जो कुछ अलग लेकर आता है।

दर्शकों के लिए आपका आखिरी संदेश?

हरसिमरन : मैं बस यही कहना चाहूंगी कि कृपया आखिरी सवाल जरूर देखें। पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है और मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को फिल्म पसंद आएगी। -लिपिका वर्मा

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