आयुषी, मुंबई में आपका स्वागत है। सबसे पहले हमारे दर्शकों से अपना परिचय करवाइए और 108 के बारे में बताइए।
आयुषी तालुकदार : बहुत-बहुत शुक्रिया। नमस्ते सभी को! मैं आयुषी तालुकदार हूं और 108 का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हूं। यह मेरे लिए बहुत खास प्रोजेक्ट है। सबसे खास बात यह है कि यह सीरीज 15 अगस्त को रिलीज हुई है, इसलिए इसकी अहमियत मेरे लिए और भी बढ़ जाती है।
एरिका फर्नांडिस आपके लिए व्यक्तिगत तौर पर आज़ादी का क्या मतलब है?
एरिका फर्नांडिस : मेरे लिए आज़ादी का मतलब है कि मैं जैसी हूं, वैसी रह सकूं और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी सकूं। अपनी पसंद के फैसले लेना, अपनी पसंद का खाना खाना, अपने सपनों को पूरा करना और सबसे जरूरी-खुद को खुलकर व्यक्त कर पाना ही मेरे लिए आज़ादी है। हर भारतीय के लिए स्वतंत्रता दिवस बेहद खास होता है। इस दिन हमारे अंदर देशभक्ति और अपने देश के लिए प्यार की भावना और भी मजबूत हो जाती है। इस साल यह दिन मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हमारा शो इसी दिन रिलीज हुआ है।
शो के ट्रेलर में मिलिटरी बैकग्राउंड और मेडिकल कहानी के साथ एक भावनात्मक पहलू भी नजर आता है। आपको क्या लगता है कि दर्शक इससे किस तरह जुड़ेंगे ?
एरिका फर्नांडिस : मुझे लगता है कि इस शो में हर उम्र के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ है। इसे Gen Z, Millennials और हमारी पुरानी पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। किरदारों से लेकर लोकेशन और कहानी के ट्रीटमेंट तक, हर चीज को काफी वास्तविक रखने की कोशिश की गई है। इसलिए मुझे लगता है कि दर्शक खुद को इन किरदारों से जोड़ पाएंगे और कहानी में पूरी तरह डूब जाएंगे।
कहानी मिलिटरी हॉस्पिटल के बैकग्राउंड में है। मेडिकल प्रोफेशनल का किरदार निभाने के लिए आपने किस तरह की तैयारी की?
एरिका फर्नांडिस : हमने काफी रिसर्च की। मैंने मेडिकल ड्रामा देखे, कई मेडिकल वीडियोज देखे और यह समझने की कोशिश की कि सर्जन किस तरह काम करते हैं, किस तरह की मेडिकल टर्मिनोलॉजी इस्तेमाल करते हैं, उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी होती है और वे आपस में किस तरह बात करते हैं। मेडिकल टर्मिनोलॉजी अपने आप में एक अलग भाषा जैसी है, इसलिए हमें उसे समझने और सहज होने में थोड़ा समय लगा।
क्या मेडिकल सीन्स की शूटिंग के दौरान आपको डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की मदद भी मिली?
आयुषी : बिल्कुल । हमारे साथ आर्मी बैकग्राउंड से जुड़े लोग भी थे, जिन्होंने हमें गाइड किया। सर्जरी वाले सीन्स के दौरान डॉक्टर भी मौजूद रहते थे। उन्होंने हमें काफी बारीकी से चीजें समझाईं। हमारे मेकर्स ने भी पूरी प्रक्रिया में हमारा बहुत सपोर्ट किया।
आप एक ब्रेक के बाद स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं। इस ब्रेक को आप किस तरह देखती हैं?
एरिका फर्नांडिस : मैं चाहती थी कि जब मैं वापस आऊं तो ऐसा प्रोजेक्ट करूं जो मुझे एक एक्टर के तौर पर चुनौती दे। मुझे खास तौर पर फाइनाइट फॉर्मेट पसंद है क्योंकि आपको पता होता है कि कहानी कहां से शुरू हो रही है और कहां खत्म होगी। इससे अपने किरदार को समझने और उसकी पूरी जर्नी पर काम करने के लिए ज्यादा स्पेस मिलता है। इनफाइनाइट फॉर्मेट में कई बार आपको नहीं पता होता कि कहानी आगे किस दिशा में जाएगी या आपका किरदार किस तरह आगे बढ़ेगा। मैं पहले वह अनुभव ले चुकी हूं, इसलिए इस बार कुछ अलग और ज्यादा चुनौतीपूर्ण करना चाहती थी।
आपके लिए महिला सशक्तीकरण का क्या मतलब है?
एरिका फर्नांडिस : मेरे लिए महिला सशक्तीकरण का मतलब है कि एक महिला को अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की आज़ादी और आत्मविश्वास मिले। मैंने बहुत कम उम्र में काम शुरू कर दिया था। 16 साल की उम्र में मैंने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और उसके बाद साउथ की फिल्मों में काम किया। इस सफर ने मुझे कम उम्र में ही आत्मनिर्भर बनना और अपनी जिम्मेदारियां खुद संभालना सिखाया।
एरिका फर्नांडिस आपने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया है। क्या आगे भी साउथ की फिल्मों में काम करने के लिए तैयार हैं ?
एरिका फर्नांडिस : बिल्कुल। अगर अच्छा काम मिलता है तो मैं जरूर करूंगी। लेकिन मैं किसी चीज के पीछे भाग नहीं रही हूं। मेरा मानना है कि चीजों को अपने सही समय पर और स्वाभाविक तरीके से होने देना चाहिए। कई बार जब हम किसी चीज को बहुत ज्यादा पाने की कोशिश करते हैं, तो वह हमसे और दूर चली जाती है। इसलिए मैं अपने काम पर ध्यान दे रही हूं और अच्छे अवसरों का इंतजार कर रही हूं।
एरिका फर्नांडिस, आप दुबई और भारत के बीच काफी ट्रैवल करती हैं। इस प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को कैसे मैनेज करती हैं?
एरिका फर्नांडिस : यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन मुझे अपनी चीजें खुद संभालना पसंद है। मैंने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा है, खासकर जिम्मेदारियों को संभालना और अपने फैसले खुद लेना। इन चीजों ने मुझे एक इंसान के तौर पर काफी आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया है।
आयुषी तालुकदार मिलिटरी हॉस्पिटल के माहौल में काम करने के दौरान ऐसी कौन-सी चीज थी जो आपको सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई?
आयुषी तालुकदार : सबसे ज्यादा मुझे वहां का अनुशासन और लोगों की सच्चाई प्रभावित कर गई। वहां काम करने का एक अलग ही तरीका है। आपको साफ महसूस होता है कि लोग वास्तव में मरीज के ठीक होने की चिंता करते हैं। उनके काम में एक अलग तरह की ईमानदारी और समर्पण दिखाई देता है।
आपने इस शो के लिए मेडिकल टर्मिनोलॉजी और ट्रॉमा से जुड़ी चीजें भी सीखी हैं। इस अनुभव से आपकी सबसे बड़ी सीख क्या रही?
एरिका फर्नांडिस : हमने इस दौरान बहुत कुछ सीखा। डॉक्टर और एक्सपर्ट्स लगातार हमारी मदद कर रहे थे। हमारे साथ एक सर्जन भी थीं, जो हमें हर चीज समझाती थीं और जहां जरूरत होती थी, हमें सही करती थीं। इस किरदार ने हमें यह समझने में मदद की कि डॉक्टरों के कंधों पर कितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है। एक अभिनेता के तौर पर हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें अलग-अलग किरदार निभाने और कुछ समय के लिए अलग-अलग जिंदगी जीने का मौका मिलता है। हर किरदार हमें कुछ न कुछ सिखाकर जाता है।
एरिका फर्नांडिस, आपने पहले टेलीविजन पर भी काम किया है। 108 का कंटेंट आपके पिछले काम से कितना अलग है ?
एरिका फर्नांडिस : यह प्रोजेक्ट काफी अलग है। मुझे लगता है कि यह अपनी तरह का एक अनोखा शो है। इसकी कहानी, किरदारों का ट्रीटमेंट और जिस तरह से पूरी कहानी को प्रस्तुत किया गया है, वह काफी अलग है। यही चीज मुझे इस प्रोजेक्ट की तरफ लेकर आई ।
आपका शो आर्मी बैकग्राउंड का है। क्या 15 अगस्त को इस तरह के शो का रिलीज होना आपके लिए और भी खास है ?
एरिका फर्नांडिस : बिल्कुल। आर्मी बैकग्राउंड होने की वजह से स्वतंत्रता दिवस मेरे लिए भावनात्मक रूप से बहुत खास रहा है। इस दिन देश के प्रति गर्व और सम्मान की भावना और भी ज्यादा महसूस होती है। इसलिए 15 अगस्त को मिलिटरी बैकग्राउंड वाले शो का रिलीज होना मेरे लिए बेहद खास और गर्व की बात है।
बचपन में स्वतंत्रता दिवस मनाने की कोई खास याद जिसे आप आज भी याद करती हैं?
आयुषी तालुकदार : स्कूल में स्वतंत्रता दिवस मनाना हमेशा बहुत खास हुआ करता था। झंडा फहराना, देशभक्ति के गाने, स्कूल की परफॉर्मेंस और पूरा माहौल बहुत खूबसूरत होता था। बचपन में शायद हम इस दिन की गहराई को पूरी तरह नहीं समझते थे, लेकिन देश के लिए गर्व और उत्साह जरूर महसूस करते थे।
आखिर में, Millennials और Gen Z के लिए आपका क्या संदेश है?
आयुषी तालुकदार : मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि हमें अपना थोड़ा सा समय जरूर दें और 108 देखें। मुझे पूरा विश्वास है कि आपको यह शो पसंद आएगा । इसमें इमोशन, ड्रामा, एक्शन और कई दिलचस्प तथ्य हैं । अलग-अलग उम्र के दर्शकों के लिए इसमें कुछ न कुछ है। मुझे उम्मीद है कि आप इसे देखेंगे और हमें अपना प्यार देंगे । -लिपिका वर्मा