नयी दिल्ली : भारतीय हरफनमौला विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से शुक्रवार को संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि वह ‘क्रिकेट खेलना’ जारी रखने के लिए ‘नए अवसरों की तलाश’ करेंगे। तमिलनाडु के 35 वर्षीय शंकर ने 2025-26 सत्र में त्रिपुरा टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2018 से 2019 के बीच भारत के लिए 12 वनडे और नौ T-20 मैच खेले। शंकर ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की घोषणा करते हुए लिखा, 'क्रिकेट मेरी जिंदगी है। मैंने 10 साल की उम्र में खेलना शुरू किया और 25 साल बाद हर स्तर पर और उच्चतम स्तर तक खेलने के लिए आभारी और धन्य महसूस करता हूं।
अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा मेरे सबसे गौरवपूर्ण और खुशी के पलों में से एक रहेगा।' उन्होंने कहा, 'मैंने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का फैसला किया है ताकि नए अवसरों की तलाश कर सकूं और क्रिकेट खेलना जारी रख सकूं। BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का मैं हमेशा आभारी रहूंगा। नागपुर में भारत के 500वें वनडे में आखिरी ओवर फेंकना और 2019 विश्व कप में पहली गेंद पर पहला विकेट लेना मेरे लिए अविस्मरणीय पल हैं।' शंकर 2019 में वनडे विश्व कप टीम का हिस्सा भी थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैनचेस्टर में राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच खेला था। पैर के अंगूठे की चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा और फिर वह टीम में वापसी नहीं कर सके।
IPL में शंकर ने चार टीमों का प्रतिनिधित्व किया। इसमें चेन्नई सुपर किंग्स (2014 और 2025), सनराइजर्स हैदराबाद (2017, 2019-2021), दिल्ली कैपिटल्स (2018) और गुजरात टाइटंस (2022-2024) शामिल है। वह मौजूदा सत्र में वह किसी टीम का हिस्सा नहीं थे। दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज शंकर ने 2012 में अपने पदार्पण के बाद कुल 77 प्रथम श्रेणी, 112 लिस्ट ए और 159 T-20 मैच खेले। उन्होंने प्रथम श्रेणी में 46.73 की औसत से 4,253 रन बनाए, जिनमें 13 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं, और 43 विकेट भी लिए। उन्होंने लिस्ट ए में 34.87 की औसत से 2,790 रन बनाए। इसमें उनके नाम दो शतक, 15 अर्द्धशतक और 73 विकेट है। T-20 में शंकर ने 2,583 रन बनाए और 38 विकेट लिए।