राजकोट : विराट कोहली की शानदार फॉर्म ने भारत की कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों को लेकर बढ़ती चिंताओं को कुछ हद तक कम कर दिया है और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत हासिल करके तीन मैच की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत ने वडोदरा में खेले गए पहले मैच में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया था। वाशिंगटन सुंदर उस मैच में चोटिल हो गए थे और वह वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं।
चयनकर्ताओं ने दिल्ली के आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया है, लेकिन भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर की ऑलराउंडर को प्राथमिकता देने की रणनीति को देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी के रूप में एक और ऑलराउंडर को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है।ऋषभ पंत पहले वनडे से पूर्व चोटिल होने के कारण सीरीज से बाहर हो गए थे। चयनकर्ताओं ने उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल करने का फैसला किया, जो टीम प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में एक और विकल्प हो सकते हैं।
भारतीय टीम के पास कई विकल्प हैं लेकिन अगले महीने से शुरू होने वाले टीम टी-20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए वह किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेगी। टी-20 टीम में वनडे टीम से बिल्कुल अलग बल्लेबाजी क्रम होगा। लेकिन कुछ नाम दोनों टीमों में समान हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम ऑलराउंडर तिलक वर्मा का है जो ग्रोइन की चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ कम से कम पहले तीन टी-20 मैचों में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय टीम की इन चिंताओं के बीच सभी की निगाह कोहली और रोहित शर्मा पर टिकी रहेगी जो अब अपने करियर के अंतिम पड़ाव में हैं।
पहले मैच में कोहली वनडे में अपने 54वें शतक से चूक गए, लेकिन उनकी 91 गेंदों पर खेली गई 93 रन की पारी ने भारत की जीत की नींव रखी।भारत और न्यूजीलैंड की टीमों में काफी अंतर नजर आता है। कीवी टीम का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत नहीं है और भारतीय बल्लेबाज इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। पहले मैच में कप्तान शुभमन गिल ने सधी हुई अर्द्धशतकीय पारी खेली जबकि उप कप्तान श्रेयस अय्यर एक रन से अर्धशतक बनाने से चूक गए। रोहित शर्मा फिर से भारत को अच्छी शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे।
कोहली इस समय अलग ही तरह की क्रिकेट खेल रहे हैं और वह आत्मविश्वास से भरे हुए नजर आते हैं। ऐसा लगता है कि वह अपेक्षाओं और आलोचनाओं के बोझ से पूरी तरह मुक्त हैं।कोहली ने शुरुआत से ही न तो आक्रामक बल्लेबाजी करने से परहेज की है और न ही रन बनाने का कोई मौका छोड़ा है। यही कारण है कि उन्होंने वडोदरा में सभी प्रारूपों में सबसे कम पारियों में 28,000 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया। भारत को हालांकि अपनी गेंदबाजी विशेषकर स्पिनरों के प्रदर्शन में सुधार करने की जरूरत है। पिछले मैच में तेज गेंदबाजों को गेंद की गति कम करने की रणनीति अपनाने से कुछ विकेट मिले थे और स्पिनरों को निरंजन शाह स्टेडियम में बेहतर पिच की उम्मीद होगी।
पहले वनडे में हार के बावजूद न्यूजीलैंड को इससे काफी आत्मविश्वास मिला होगा कि कोहली के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उसने भारत को कड़ी टक्कर दी। भारत जब सहजता से लक्ष्य हासिल करने की तरफ बढ़ रहा था तब काइल जैमीसन ने अपने गेंदबाजी कौशल का शानदार प्रदर्शन करके मैच को रोमांचक बना दिया था। उसकी टीम को आखिरी क्षणों में कैच छोड़ने का खामियाजा भुगतना पड़ा था। बाएं हाथ के बल्लेबाजों डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने पहले विकेट के लिए 117 रन जोड़कर न्यूजीलैंड को अच्छी शुरुआत दिलाई थी लेकिन उसके मध्यक्रम के बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा पाए। उसकी टीम इस विभाग में सुधार करने के उद्देश्य से मैदान पर उतरेगी।