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क्रिकेट

लगातार दूसरी जीत हासिल करने की कोशिश करेगी RCB

CSK के लिए संजू सैमसन की फॉर्म और गेंदबाजी विभाग का कमजोर होना चिंता का विषय है

बेंगलुरू : अपने पहले मैच में शानदार जीत हासिल करने के बाद पर्याप्त आराम पाने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) की टीम रविवार को यहां CSK के खिलाफ होने वाले IPL के मैच में लगातार दूसरी जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। CSK के लिए संजू सैमसन की फॉर्म और गेंदबाजी विभाग का कमजोर होना चिंता का विषय है। RCB की टीम 28 मार्च को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ छह विकेट से जीत दर्ज करने के बाद अच्छी तरह से आराम कर चुकी है और वह तरोताजा होकर मैदान पर उतरेगी। मानसिक और शारीरिक ताजगी के अलावा RCB अब अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कहीं बेहतर टीम नजर आ रही है। RCB के पास विराट कोहली की अगुवाई में शीर्ष क्रम में दमदार बल्लेबाज हैं।

कोहली ने अपने बेजोड़ कौशल के दम पर पावर हिटिंग के इस जमाने में खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। देवदत्त पडिक्कल ने अपने भीतर के असली बल्लेबाज को जगा दिया है जो सनराइजर्स के खिलाफ उनकी 26 गेंद पर खेली गई 61 रन की तूफानी पारी में स्पष्ट नजर आया। रजत पाटीदार टीम की कप्तानी करने और RCB के मध्य क्रम को मजबूती देने की दोहरी भूमिका अच्छी तरह से निभा रहे हैं। RCB में अपनी गेंदबाजी में बहुत ज्यादा सुधार किया है। कभी उसकी गेंदबाजी को कमजोर माना जाता था लेकिन उसने कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शामिल करके इसे पूरी तरह से बदल दिया है।

RCB को जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति से काफी नुकसान होने की उम्मीद थी, लेकिन जैकब डफी ने सहजता से उनकी जगह ली और तीन विकेट लेकर सनराइजर्स के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया। RCB की टीम इस मैच के लिए अभिनंदन सिंह की जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मंगेश यादव को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकती है। क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा T-20 के दिग्गज स्पिनरों में शामिल नहीं हैं, लेकिन उन्होंने बीच ओवरों में अपनी कसी हुई गेंदबाजी से RCB का उद्देश्य बखूबी पूरा किया है। उन्हें अब शिवम दुबे, सरफराज खान और आयुष म्हात्रे जैसे बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना होगा। जहां तक CSK का सवाल है तो उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।

उन्होंने पहले दो मैचों में 30.5 ओवर में सिर्फ सात विकेट लेकर 338 रन लुटा दिए। उसके स्पिनर नूर अहमद और राहुल चाहर शुक्रवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ बुरी तरह फ्लॉप रहे। चेपॉक में ओस का नामोनिशान नहीं होने के बावजूद दोनों ने मिलकर आठ ओवरों में 84 रन लुटाए। तेज गेंदबाज मैट हेनरी, खलील अहमद और अंशुल कंबोज भी अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। चेन्नई की बल्लेबाजी में भी कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है और इसकी शुरुआत सैमसन के फॉर्म से होती है। T-20 विश्व कप में भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सैमसन अभी तक दो मैच में छह और सात रन ही बना पाए हैं। चेन्नई की टीम को अगर मजबूती के साथ आगे बढ़ना है तो सैमसन को जल्द से जल्द अपनी लय हासिल करनी होगी।  

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