गुवाहाटी : वेस्टइंडीज के गेंदबाजी कोच रवि रामपाल ने भारत के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 405 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाने पर अपनी टीम की गेंदबाजी के खराब प्रदर्शन को स्वीकार करते हुए कहा कि उनके गेंदबाज योजनाओं को लागू नहीं कर पाए। भारत ने बुधवार को यहां महज 43.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर आठ विकेट से जीत दर्ज की। कप्तान शुभमन गिल ने 133 गेंद में नाबाद 223 रन की पारी खेलकर सबसे तेज एकदिवसीय दोहरा शतक जड़ा जबकि रोहित शर्मा ने 75 गेंद में 101 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन की साझेदारी करके भारत की जीत की नींव रखी।
रामपाल ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमारे नजरिए से 43 ओवर में 400 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया जाना निश्चित तौर पर स्वीकार्य नहीं है लेकिन हमारे लिए आत्मविश्वास दोबारा हासिल करना और आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों की भी तारीफ की और खासकर पावरप्ले में उनके शानदार प्रदर्शन का उल्लेख किया जिससे वेस्टइंडीज शुरुआत से ही दबाव में आ गया। उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम ने अपनी घरेलू परिस्थितियों में बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर निश्चित तौर पर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि हमारे गेंदबाज पर्याप्त निरंतरता नहीं दिखा सके और बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर हमारा गेंदबाजी की योजनाओं को लागू करना अपेक्षित स्तर का नहीं था।’
रामपाल ने कहा कि पिच से गेंदबाजों को बहुत कम मदद मिली लेकिन वेस्टइंडीज को अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत थी। सीरीज गंवाने के बावजूद रामपाल ने बल्लेबाजों की सराहना की। दूसरे एकदिवसीय में वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए। जॉन कैंपबेल ने 101, शाई होप ने 104 और अमीर जांगू ने 114 रन बनाए। तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले मैच में जस्टिन ग्रीव्स ने भी शतक जड़ा था जबकि कैंपबेल और जांगू ने अर्द्धशतक लगाए थे। रामपाल ने कहा, ‘हमारी बल्लेबाजी इकाई ने बहुत अच्छा काम किया है। इस सीरीज से खिलाड़ियों को जो अनुभव मिला है, वह विश्व कप क्वालीफायर में हमारे लिए उपयोगी होगा। अगर भविष्य में हमें इसी तरह की पिचों पर खेलना पड़ा तो हमारे पास अधिक अनुभव होगा और अपनी योजनाओं को लागू करने की बेहतर समझ होगी।’