क्रिकेट

ऐसा नहीं कर पाने से बेचैन हो जाते हैं कोहली

RCB छह विकेट से जीत दर्ज करके IPL की अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। कोहली ने IPL में नौवां शतक जड़ा और महेंद्र सिंह धोनी तथा रोहित शर्मा (279) को पछाड़कर लीग में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए।

Deepak Ram

रायपुर : भारत के सुपरस्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि प्रदर्शन के दबाव को लेकर बैचेनी उन्हें भी होती है और IPL में पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने से वह नर्वस हो गए थे। 37 वर्ष के कोहली ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिये 60 गेंद में नाबाद 105 रन बनाकर फॉर्म में वापसी की। RCB छह विकेट से जीत दर्ज करके IPL की अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। कोहली ने IPL में नौवां शतक जड़ा और महेंद्र सिंह धोनी तथा रोहित शर्मा (279) को पछाड़कर लीग में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए।

प्लेयर आॅफ द मैच कोहली ने बाद में प्रसारक से कहा, ‘पिछले दो मैचों में रन नहीं बना पाने से मैं काफी बेचैन था। मुझे पता था कि मैं अच्छा खेल सकता हूं और रन बना सकता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसे में जब आप रन नहीं बना सके और टीम के लिये योगदान नहीं दे सके तो बेचैनी होती है। मेरा हमेशा से लक्ष्य टीम के लिये योगदान देने का रहा है। मैं लगातार बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करता हूं ताकि अपना सर्वश्रेष्ठ टीम को देकर छाप छोड़ सकूं।’ कोहली ने स्वीकार किया कि पिछले दो मैचों में खाता नहीं खोल पाने से वह नर्वस थे लेकिन यह भी कहा कि नाकामी खिलाड़ी के विकास में भूमिका निभाती है ।

उनहोंने कहा, ‘शतक जमाने के बाद जश्न बड़ा नहीं था क्योंकि हमें अंकों की अहमियत पता है। हम सभी टीम के लिये खेलने का प्रयास करते हैं। इसलिये कहते हैं कि दबाव अच्छा रहता है क्योंकि इससे आपको अपना खेल निखारने में मदद मिलती है। दो मैचों में अच्छा नहीं खेल पाने से नर्वस था जिससे अच्छे प्रदश्रन में मदद मिली। इसलिये नाकामियां भी जरूरी है जो और बेहतर करने के लिये प्रेरित करती हैं।’

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