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क्रिकेट

'वैभव के माता-पिता का साथ जाना सही होगा'

वैभव के माता-पिता के साथ जाने पर सैकिया का बयान, पारिवारिक समर्थन को बताया महत्वपूर्ण कदम

नयी दिल्ली : वैभव सूर्यवंशी के माता-पिता को इस महीने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर साथ जाने की अनुमति देने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड के फैसले के बारे में बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा कि 15 साल के एक स्कूली बच्चे को सीनियर टीम में आसानी से ढलने की सहूलियत देना जरूरी है। भारतीय T-20 टीम में पहली बार जगह बनाने वाले सूर्यवंशी को सात मैचों (आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच) के लिये चुना गया है। दौरे की शुरुआत 26 जून को बेलफास्ट में होगी। सैकिया ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘सभी राष्ट्रीय टीमों में सीनियर स्तर पर 14-15 साल का खिलाड़ी टीम में नहीं होता है। कई दशक बाद हमारे पास वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी है।’

उन्होंने कहा, ‘एक समय सचिन तेंदुलकर (टेस्ट पदार्पण के समय 16 वर्ष छह महीने) थे जिन्होंने कम उम्र में राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया। जब टीम में इतनी कम उम्र का खिलाड़ी हो तो मसले हो सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘उसे सहज बनाने और सीनियर टीम में आसानी से ढलने के लिये हमें लगा कि इससे मदद मिलेगी। टीम में बाकी सभी खिलाड़ी 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और टीम प्रबंधन के सदस्य भी वयस्क हैं। हमें लगा कि इस फैसले से वैभव के लिये काफी आसान हो जायेगा।’ सैकिया ने कहा, ‘जब स्कूल के बच्चे ट्रिप पर जाते हैं तो एक सीनियर व्यक्ति उनके साथ होता है।

वैभव अभी बच्चा है। अभी स्कूल में ही है। हमें लगा कि उसके माता-पिता का साथ जाना सही होगा।’ सैकिया ने सोशल मीडिया पर चल रही इन अटकलों पर भी हैरानी जताई कि भारतीय बोर्ड श्रीलंका ए के खिलाड़ी के साथ हाल ही में एक मैच के दौरान मैदान पर हुई बहस को लेकर सूर्यवंशी के खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, ‘सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चल रहा है कि BCCI कार्रवाई करेगा। क्या BCCI मैच रैफरी है। ऐसे मामलों में अंपायर और मैच रैफरी फैसले लेते हैं। जो कुछ हुआ, वह खेल का हिस्सा था और BCCI की इसमें कोई भूमिका नहीं है। यह मैच रैफरी का काम है। अगर कोई गलती कर रहा है तो वह फैसला लेंगे।’  

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