क्रिकेट

भारत ने आठवीं बार जीता महिला एशिया कप का खिताब

शेफाली-मंधाना की तूफानी पारियों और श्री चरणी-दीप्ति की घातक गेंदबाजी से भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप T-20 में अपना दबदबा कायम रखा

Deepak Ram

दुबई : भारत ने महिला एशिया कप T-20 के फाइनल में रविवार को यहां श्रीलंका को 72 रन से हराकर आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 183 रन बनाने के बाद श्रीलंका को आखिरी गेंद पर 111 रन पर आउट कर दिया। श्रीलंका की ओर से कप्तान चामरी अटापट्टू ने सर्वाधिक 36 रन की पारी खेली। भारत की ओर से श्री चरणी ने 20 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को तीन सफलताएं मिलीं।

शेफाली वर्मा (68) और उप कप्तान स्मृति मंधाना (59) की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पांच विकेट पर 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए महज 77 गेंद में 129 रन की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अच्छी वापसी करते हुए भारत को 200 रन तक नहीं पहुंचने दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को मंधाना और शेफाली ने शानदार शुरुआत दिलाई।

मंधाना ने अपना 36वां T-20 अंतरराष्ट्रीय अर्द्धशतक पूरा किया, जबकि शेफाली ने 24 गेंद में अर्द्धशतक जड़कर महिला एशिया कप में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 2022 के टूर्नामेंट में मंधाना के 25 गेंद में बनाए अर्द्धशतक को पीछे छोड़ा। बाइस वर्षीय शेफाली ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाते हुए पुल और ड्राइव के जरिए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने श्रीलंकाई कप्तान चामरी अटापट्टू के पहले ही ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर 18 रन बटोरे। भारत ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 57 रन बनाए और 10 ओवर के बाद उसका स्कोर बिना किसी नुकसान के 98 रन था।

शुरुआत में मंधाना ने शेफाली का साथ देते हुए 22 गेंद में 23 रन बनाए। शेफाली के अर्द्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने रन गति बढ़ाई। उन्होंने नीलाक्षी सिल्वा की गेंद पर छक्का लगाया और फिर चामुंडी प्रबोधा की गेंद पर लांग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का जड़ा। मंधाना का सबसे शानदार शॉट अटापट्टू की गेंद पर देखने को मिला, जब उन्होंने इनसाइड-आउट कवर ड्राइव से चौका लगाया। उन्होंने 35 गेंद में अपना अर्द्धशतक पूरा किया। इस शानदार साझेदारी को चामुंडी प्रबोधा ने शेफाली को आउट करके तोड़ा। शेफाली ने उनकी गेंद को अटापट्टू के हाथों में खेल दिया।

इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ रन लेने को लेकर हुई गलतफहमी के कारण मंधाना रन आउट हो गईं। इस टूर्नामेंट में यह तीसरी बार था, जब मंधाना रन आउट हुईं। पंद्रह ओवर के बाद भारत का स्कोर दो विकेट पर 140 रन था और टीम 200 रन के करीब पहुंचती दिख रही थी। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने हालांकि आखिरी पांच ओवर में बेहतर लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और भारत को केवल 43 रन ही बनाने दिए। तेजी से रन बना रही ऋचा घोष (13 गेंद में 17 रन) भी इसी दौरान आउट हो गईं। हरमनप्रीत भी रन गति को और बढ़ाने में नाकाम रहीं और 14 गेंद में 14 रन बनाकर आउट हो गईं। जी कमालिनी (पांच गेंद में नाबाद 15 रन) ने आखिरी दो गेंदों पर चौका और छक्का लगाकर भारत के स्कोर को 180 रन के पार पहुंचाया।

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