मुंबई : मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने शनिवार को खुलासा किया कि जसप्रीत बुमराह को इस वर्ष T-20 विश्व कप के दौरान लगी मामूली चोट को संभालते हुए IPL 2026 खेलना पड़ा और इसका असर उनकी धार और रफ्तार पर पड़ा। फ्रेंचाइजी ने हालांकि उन्हें पर्याप्त आराम दिया था, इसके बावजूद वह पूरी लय हासिल नहीं कर सके। बुमराह की घटती प्रभावशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई इंडियंस के लिए 13 मैचों में वह केवल चार विकेट ही ले सके। जयवर्धने ने कहा कि 32 वर्षीय तेज गेंदबाज आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण में उस चोट से जूझ रहे थे।
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ IPL के आखिरी मुकाबले की पूर्व संध्या पर जयवर्धने ने संवाददाताओं से कहा, 'T-20 विश्व कप से लौटने के बाद बुमराह को हल्की चोट थी, जिसके साथ उन्होंने पूरा टूर्नामेंट खेला। इसलिए हमने उन्हें वापसी के लिए पर्याप्त आराम दिया।' मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम के भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (बुमराह, कप्तान हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा) को 28 मार्च से शुरू हुए IPL से केवल पांच दिन पहले सत्र पूर्व शिविर से जुड़ने की अनुमति दी थी। भारत ने अहमदाबाद में कड़े अभियान के बाद अपना खिताब बचाया था। जयवर्धने के मुताबिक लीग के शुरुआती मैचों में बुमराह की गति में आई कमी का कारण उनका धीरे-धीरे मैच फिटनेस हासिल करना था।
उन्होंने कहा, 'पहले चार-पांच मैचों में वह चोट से उबरने की प्रक्रिया में थे। आप देख सकते थे कि इसी वजह से उनकी रफ्तार कम थी, लेकिन अब वह अपनी पुरानी गति में लौट आए हैं। पिछले चार-पांच मैच काफी अच्छे रहे।' उन्होंने आगे कहा, 'जब आप ऐसी किसी समस्या से गुजर रहे होते हैं तो स्वाभाविक तौर पर गेंद की धार थोड़ी कम हो जाती है, क्योंकि आपका ध्यान चोट से उबरने या गंभीर होने से बचाने पर भी होता है। लेकिन फिटनेस के लिहाज से वह अब पूरी तरह ठीक हैं। दुर्भाग्य से हमारे लिए सत्र अब खत्म हो चुका है।' बुमराह के लिए यह सत्र चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने T-20 विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में भारत के पांच में से चार मैच खेले थे। T-20 विश्व कप में भी बुमराह ने शानदार प्रदर्शन किया और वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से सर्वाधिक 14 विकेट लिए।
इसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 15 रन देकर चार विकेट का प्रदर्शन भी शामिल था। उन्होंने भारत के नौ में से आठ मुकाबले खेले थे। श्रीलंका के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि संघर्ष के बावजूद विपक्षी टीमें बुमराह के खिलाफ जोखिम लेने से बचती रहीं। जयवर्धने ने कहा, 'कई परिस्थितियों में टीमों ने उनके खिलाफ ज्यादा जोखिम नहीं लिया। उन्होंने बुमराह को सम्मान देते हुए सावधानी से खेला, क्योंकि दूसरे गेंदबाज वह दबाव नहीं बना सके जिसकी हमें जरूरत थी।' उन्होंने बताया कि मुंबई इंडियंस ने बुमराह के कार्यभार प्रबंधन (थकान और चोट से बचाने) पर भी विशेष ध्यान दिया। जयवर्धने ने कहा, 'हमारी लगातार बातचीत होती रही। बुमराह अब काफी अनुभवी हैं। उनके ट्रेनिंग स्टाफ के साथ मिलकर हमने तय किया कि उन्हें कितना आगे बढ़ाना है और अभ्यास सत्र में कितनी गेंदबाजी करानी है।'