नयी दिल्ली : पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट ने अपने साथी अर्शदीप सिंह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस भारतीय गेंदबाज के अनुभव ने उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में यहां की परिस्थितियों के अनुकूल ढलने में काफी मदद की है। बार्टलेट इस सत्र में पंजाब किंग्स की रोटेशन नीति का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने IPL- 2026 में अब तक चार विकेट लिए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नौ रन पर दो विकेट रहा है। वह अर्शदीप के साथ विविधता से भरे तेज गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा हैं, जिसमें मार्को यानसन और विजयकुमार व्यासक भी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज बार्टलेट ने अर्शदीप को ‘अद्भुत’ करार देते हुए कहा, 'अर्शदीप अविश्वसनीय रहे हैं। उन्हें इन परिस्थितियों में काफी अनुभव है और मैं उनके साथ काम करना बहुत पसंद करता हूं।
यह सिर्फ मैचों के लिए ही नहीं है, बल्कि मैं अभ्यास में भी उनके साथ काम करता हूं। उन्होंने पिछले 12 महीनों में जिस तरह सुधार किया है, वह शानदार है।' भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलने को लेकर बार्टलेट ने बताया कि उन्होंने अपने खेल में विविधता बढ़ाने पर काम किया है। उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में आप अक्सर एक ही लेंथ पर गेंदबाजी कर सकते हैं क्योंकि पिच से मदद मिलती है, लेकिन यहां ऐसा लगातार नहीं होता। इसलिए मैंने स्लोअर गेंदों पर काम किया और यॉर्कर को बेहतर बनाने की कोशिश की है। मैं पिछले कुछ वर्षों में इसमें सफल भी रहा हूं। मैं मानता हूं कि अभी सुधार की काफी गुंजाइश है।' क्वींसलैंड के इस खिलाड़ी ने टीम के तेज गेंदबाजों को लेकर एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि हम सब बहुत अलग हैं। हमारे आक्रमण में काफी विविधता है।'
बार्टलेट ने कहा, 'इन खिलाड़ियों के साथ काम करना और उनसे कुछ सीखना वाकई बहुत अच्छा रहा है।' बार्टलेट ने मुख्य कोच रिकी पोंटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर की भी सराहना की और कहा कि दोनों की मौजूदगी ने टीम में आत्मविश्वास और शांत माहौल बनाए रखा है। इससे टीम की अच्छी शुरुआत संभव हुई है। उन्होंने कहा, 'रिकी और श्रेयस हर दिन आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आत्मविश्वास देते हैं, यही हमारी सफलता की बड़ी वजह है। श्रेयस मैदान पर बेहद शांत रहते हैं, और उनकी यह शांति गेंदबाजों को भावनात्मक दबाव से बचाती है।' ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर बार्टलेट ने इसे T-20 क्रिकेट के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने इसकी तुलना बिग बैश लीग के ‘एक्स-फैक्टर’ नियम से करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को मौके मिलते हैं और यह खेल को और रोमांचक बनाता है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है क्योंकि इससे अतिरिक्त खिलाड़ी को मैच में शामिल होने का मौका मिलता है। मुझे निजी तौर पर भी इससे फायदा हुआ है। अगर मुझे शुरुआत में ये मौके नहीं मिलते और मैं बेंच पर बैठा रहता, तो हालात काफी अलग हो सकते थे।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह T-20 क्रिकेट के विकास और अनुकूलन का ही एक हिस्सा है। मुझे लगता है कि यह खेल के लिए अच्छा है। इससे खेल रोमांचक बनता है, यह तो पक्का है।' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले बार्टलेट ने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना है। यह उनका बचपन का सपना रहा है।