महंगा तेल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 1,248 अंक टूटा, निफ्टी में 384 अंक की गिरावट मुंबई : कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत टूटकर 23,063.10 पर आ गया। दोनों सूचकांक तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। शेयर मार्केट में गिरावट से बाजार में कुल करीब 3.94 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में 29 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बजाज फाइनेंस 5.47 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 4.67 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 4.06 प्रतिशत, इंटरग्लोब एविएशन 2.78 प्रतिशत, ट्रेंट 2.75 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.31 प्रतिशत टूटे। एनटीपीसी का शेयर अपरिवर्तित रहा। वैश्विक बाजार में दबाव की प्रमुख वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज बढ़ोतरी रही। अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 13 बेसिस पॉइंट से अधिक बढ़कर 5.104 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जुलाई 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। पांच-वर्षीय यील्ड भी 5 प्रतिशत के पार चली गई। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और 70 अरब डॉलर की ट्रेजरी नीलामी में कमजोर मांग ने यील्ड को बढ़ाया। इस बीच, ब्रेंट कच्चा तेल 2.36 प्रतिशत बढ़कर 105.4 डॉलर प्रति बैरल हो गया। अमेरिका-ईरान संघर्षविराम वार्ता को लेकर अनिश्चितता से तेल कीमतों पर दबाव बढ़ा। महंगा तेल भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत को प्रभावित कर सकता है। बढ़ती वैश्विक यील्ड और अमेरिकी ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका से उभरते बाजारों पर भी दबाव बढ़ा। घरेलू स्तर पर बीमा और बैंक शेयर नियामकीय बदलावों की चिंता से कमजोर रहे। इसी बीच, एनएसई का शेयर अपने पहले कारोबारी दिन करीब दो प्रतिशत बढ़कर 1,818 रुपये पर बंद हुआ और कंपनी का बाजार मूल्यांकन करीब 4.49 लाख करोड़ रुपये रहा। बुधवार को सेंसेक्स 299 अंक और निफ्टी 118 अंक चढ़ा था। कच्चे तेल के दाम में उछाल से सेंसेक्स 1,248 अंक लुढ़का, निफ्टी में 384 अंक की गिरावट मुंबई, 24 सितंबर (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेज गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,248 अंक लुढ़क गया। वहीं एनएसई निफ्टी 384 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी के साथ वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार धारणा कमजोर हुई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत टूटकर 73,580.54 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,264.33 अंक की गिरावट के साथ 73,563.92 अंक तक आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत लुढ़क कर 23,063.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 29 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 5.47 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 4.67 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 4.06 प्रतिशत, इंटरग्लोब एविएशन में 2.78 प्रतिशत, ट्रेंट में 2.75 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.31 प्रतिशत की गिरावट रही। एनटीपीसी का शेयर अपरिवर्तित रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 2.36 प्रतिशत चढ़कर 105.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी-50 और सेंसेक्स दोनों में 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। बाजार में कमजोर शुरुआत के बाद पूरे कारोबारी सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। पूरे कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा।’’ एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की बढ़त में बंद हुआ, जबकि चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे। इस बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. का शेयर बृहस्पतिवार को अपने पहले कारोबारी दिन में करीब दो प्रतिशत बढ़कर 1,818 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ एनएसई का बाजार मूल्यांकन 4.49 लाख करोड़ रुपये रहा। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी से बाजार पर दबाव रहा। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े बढ़ते जोखिम को बताता है। मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ब्याज दर की दिशा को लेकर चिंता बढ़ने से निवेशकों ने जोखिम से बचने का रुख अपनाया।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर कमीशन ढांचे की नियामकीय समीक्षा और उसके मुनाफे पर संभावित असर को लेकर चिंता के कारण बीमा और बैंक शेयर कमजोर रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,617.45 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे। सेंसेक्स बुधवार को 299.17 अंक बढ़कर 74,828.25 अंक पर और निफ्टी 117.80 अंक की तेजी के साथ 23,446.80 अंक पर बंद हुआ था। भाषा रमण अजय अजय 2409 1644 मुंबई नननन