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एआई का इस्तेमाल रोकना समाधान नहीं, मानवीय नियंत्रण जरूरी : थेल्स सीईओ

Goutam Ojha

पेरिस :

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी थेल्स के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पैट्रिस कैन ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल को रोकना समाधान नहीं है, बल्कि तकनीकी सुरक्षा उपायों के जरिये इसे मानवीय नियंत्रण में रखना और इसके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम बनाना जरूरी है। कैन ने कहा कि प्रौद्योगिकी कंपनियों को एआई में सुरक्षा उपाय शामिल करने चाहिए, जबकि सरकारों को इसके इस्तेमाल की स्पष्ट सीमाएं तय करने वाला उचित ढांचा तैयार करना चाहिए। एआई के कारण मानवता के सामने संभावित अस्तित्वगत संकट के बारे में पूछे जाने पर कैन ने कहा, ‘अभी नहीं। लेकिन संभावित खतरों को लेकर चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है। इन चेतावनियों से जागरूकता बढ़ती है।’ कहा कि, एआई से जुड़े जोखिमों से बचाव के उपाय शुरू करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे जोखिमों का पहले से अनुमान लगाना जरूरी है और इन चेतावनियों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। कैन ने कहा कि सवाल एआई का इस्तेमाल रोकने का नहीं है। सवाल यह है कि प्रौद्योगिकी कंपनियां किस तरह यह सुनिश्चित करें कि एआई और अन्य प्रौद्योगिकियां नियंत्रण में रहें और महत्वपूर्ण फैसलों में इंसान का नियंत्रण बना रहे। उन्होंने एआई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा समझ या नियामकीय ढांचे की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग का स्व-नियमन एक ‘अच्छी शुरुआत’ है, लेकिन तेजी से अधिक स्वायत्त होती एआई प्रणालियों से पैदा होने वाली नई सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह लंबे समय में पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने बताया कि थेल्स की साइबर सुरक्षा प्रणालियां पहले प्रतिदिन करीब 20 लाख बॉट हमलों को रोकती थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 2.5 करोड़ प्रतिदिन हो गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल ऐसे हमलों से बचाव के लिए भी किया जा रहा है।
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