प्याज के थोक दाम 9 दिन में 9% घटे, खुदरा कीमतों में भी राहत की उम्मीद 
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प्याज के थोक दाम 9 दिन में 9% घटे, खुदरा कीमतों में भी राहत की उम्मीद

थोक बाजारों में 9 दिन में 9% गिरावट से प्याज की कीमतों पर दबाव, सरकार के बफर स्टॉक और सस्ती बिक्री से जल्द खुदरा स्तर पर भी राहत के संकेत

Goutam Ojha

नई दिल्ली : प्याज की बढ़ती कीमतों से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बुधवार को कहा कि पिछले नौ दिनों में देश के थोक बाजारों में प्याज की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। थोक भाव में आई इस नरमी का असर आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर भी पड़ने की उम्मीद है।

देश में मंगलवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत 53.92 रुपये प्रति किलोग्राम रही। यह एक महीने पहले के मुकाबले 48 प्रतिशत और एक साल पहले की तुलना में 94 प्रतिशत अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में प्याज की महंगाई दर बढ़कर 48.27 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 22.54 प्रतिशत थी।

कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने की थी पहल

कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की थी। एनसीसीएफ, नाफेड और केंद्रीय भंडार के बिक्री केंद्रों के अलावा मोबाइल वैन के जरिए भी प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का यह हस्तक्षेप अब तक करीब 48 शहरों तक पहुंच चुका है।

सरकार ने रखा है 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक

निधि खरे ने कहा कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है। सरकार ने मौसमी तेजी पर अंकुश लगाने के लिए बफर स्टॉक को चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारना शुरू किया है। इसके लिए रेलवे रैक यानी ‘कांदा एक्सप्रेस’ और सड़क परिवहन, दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

चालू वर्ष के लिए सरकार ने 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 307.67 लाख टन था।

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