नई दिल्ली : अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के लिए भारत समेत 17 देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है। यह शुल्क शुक्रवार रात 12:01 बजे से प्रभावी होगा।
शुरुआत में भारत पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन भारत द्वारा 14 जून को विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के बाद अमेरिका ने शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत कुल 60 देशों पर शुल्क की घोषणा की है। इनमें भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जबकि 43 अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज्ञापन के अनुसार, यह कदम उन देशों को बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अमेरिका के अनुसार, इसका मकसद मानवाधिकारों के उल्लंघन को कम करना और श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है।
हालांकि, ऐसे कच्चे माल और उत्पादों को शुल्क से छूट दी गई है, जिनकी कमी से अमेरिकी बाजार प्रभावित हो सकता है या जिन पर शुल्क लगाने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच करीब 141 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार हुआ, जिसमें भारत का निर्यात लगभग 87.3 अरब डॉलर रहा।