Tata Group की खुदरा कंपनी Trent के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत दूसरी तिमाही के कारोबारी अपडेट के बाद शेयर करीब 13 प्रतिशत चढ़कर दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी से कंपनी के बाजार मूल्य में एक ही दिन में करीब 17,540 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। शेयर में इस उछाल का फायदा कंपनी के बड़े निवेशकों को भी मिला। Trent में 3 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य एक कारोबारी सत्र में करीब 531 करोड़ रुपये बढ़ गया। हालांकि, यह वास्तविक मुनाफा नहीं, बल्कि शेयर की कीमत बढ़ने से हुआ कागजी लाभ है।
Trent ने सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में परिचालन से होने वाला अलग से दर्ज राजस्व 23 प्रतिशत बढ़कर 5,788 करोड़ रुपये बताया। पिछले साल इसी अवधि में यह 4,724 करोड़ रुपये था। कंपनी के लिए यह छह तिमाहियों में सबसे तेज राजस्व वृद्धि रही। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी कंपनी का राजस्व 21 प्रतिशत बढ़कर 11,454 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 9,505 करोड़ रुपये था। मजबूत राजस्व वृद्धि को शेयर में आई तेजी की सबसे बड़ी वजहों में गिना जा रहा है।
Trent के लिए दूसरी तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धियों में Zudio का 1,000वां स्टोर खोलना रहा। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 17 नए Zudio और 10 Westside स्टोर जोड़े। 30 सितंबर 2026 तक Trent के Westside, Zudio और अन्य जीवनशैली कारोबारों को मिलाकर कुल 1,342 स्टोर हो गए थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में Westside और Zudio नेटवर्क में 250 नए स्टोर जोड़े थे। सितंबर तिमाही में भी कुल 27 नए स्टोर जोड़े गए।
Trent की तेजी सिर्फ नए स्टोर खोलने की वजह से नहीं आई। निवेशकों और ब्रोकरेज कंपनियों ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि स्टोरों की संख्या तेजी से बढ़ने के बावजूद प्रति स्टोर बिक्री में गिरावट की रफ्तार कम हुई है। दूसरी तिमाही में प्रति स्टोर राजस्व में गिरावट करीब 1.7 प्रतिशत रही, जबकि पहली तिमाही में यह गिरावट 5.6 प्रतिशत थी। इससे संकेत मिलता है कि नए स्टोर खुलने से पुराने स्टोरों की बिक्री पर पड़ने वाला असर कुछ कम हुआ है और कारोबार की उत्पादकता में सुधार के संकेत मिले हैं। Trent का तेजी से स्टोर विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब देश के खुदरा बाजार में शहरी मांग और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता बनी हुई है। कंपनी छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में भी विस्तार पर जोर दे रही है।
मजबूत कारोबारी आंकड़ों के बाद कई ब्रोकरेज कंपनियों ने Trent के शेयर को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। Morgan Stanley ने शेयर पर ‘ओवरवेट’ राय कायम रखते हुए लक्ष्य मूल्य 3,406 रुपये किया है। HSBC ने 3,390 रुपये का लक्ष्य देते हुए खरीदारी की राय दी है। Motilal Oswal ने भी खरीदारी की राय दोहराई है। इन ब्रोकरेज कंपनियों का मानना है कि दूसरी तिमाही में 23 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही। खास तौर पर त्योहारी खरीदारी के समय में बदलाव के बावजूद कंपनी की बिक्री में मजबूती को सकारात्मक संकेत माना गया है।
हालांकि, बाजार में Trent को लेकर पूरी तरह एक जैसी राय नहीं है। Citi ने ‘Sell’ यानी बिकवाली की राय बरकरार रखी है और 2,950 रुपये का लक्ष्य दिया है। उसका कहना है कि प्रति वर्ग फुट राजस्व में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, एक-दूसरे के ग्राहकों को प्रभावित करने वाले नए स्टोरों का जोखिम और लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है।
Trent के शेयर में तेजी का सीधा असर LIC के निवेश पर भी पड़ा। जून तिमाही के अंत में LIC के पास Trent की 3 प्रतिशत से कुछ अधिक हिस्सेदारी थी। मंगलवार को NSE पर Trent का शेयर कारोबार के दौरान 2,909 रुपये तक पहुंच गया। इस स्तर पर LIC की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य करीब 4,695 करोड़ रुपये हो गया। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में LIC की हिस्सेदारी के मूल्य में 531 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, इसे LIC की वास्तविक कमाई समझना सही नहीं होगा। LIC ने इन शेयरों को बेचकर यह रकम हासिल नहीं की है। शेयर की कीमत बढ़ने से उसकी मौजूदा हिस्सेदारी का बाजार मूल्य बढ़ा है, इसलिए इसे कागजी या अनुमानित लाभ कहा जाएगा। अगर भविष्य में LIC शेयर बेचती है, तभी वास्तविक लाभ या नुकसान तय होगा।
शेयर में तेजी का असर Trent के कुल बाजार मूल्य पर भी पड़ा। मंगलवार को कंपनी के बाजार पूंजीकरण में करीब 17,540 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। शेयर दिन के अंत में करीब 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2,906 रुपये के आसपास बंद हुआ। यह फरवरी 2024 के बाद कंपनी के शेयर में सबसे बड़ी एकदिनी तेजी रही।
हालांकि, तेज उछाल के बाद निवेशकों के लिए अगली चुनौती यह देखना होगी कि कंपनी इस वृद्धि को कितने समय तक बनाए रख पाती है। तेज स्टोर विस्तार के साथ बिक्री की उत्पादकता, मुनाफा और लागत पर नियंत्रण आगे भी अहम रहेंगे।
Trent अपने दूसरी तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के पूरे वित्तीय नतीजे 29 अक्टूबर को घोषित करने वाली है। बाजार की नजर अब कंपनी के मुनाफे, परिचालन मार्जिन और समान स्टोर बिक्री जैसे आंकड़ों पर रहेगी। फिलहाल मजबूत राजस्व वृद्धि, Zudio के 1,000 स्टोर का आंकड़ा और स्टोर स्तर पर बिक्री उत्पादकता में सुधार ने Trent को निवेशकों के रडार पर वापस ला दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज कंपनियों की अलग-अलग राय साफ करती है कि तेज शेयर उछाल के बाद भी कंपनी के सामने प्रतिस्पर्धा, लागत और स्टोर विस्तार से जुड़े जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में आगे की दिशा केवल शेयर की मौजूदा तेजी से नहीं, बल्कि आने वाले वित्तीय नतीजों से तय होगी।