आरबीआई ने टाटा संस का एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर आवेदन खारिज किया, अब लिस्टिंग की राह साफ 
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आरबीआई ने टाटा संस का एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर आवेदन खारिज किया, अब लिस्टिंग की राह साफ

एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर आवेदन खारिज होने के बाद टाटा संस को कड़े नियामकीय मानकों के बीच सार्वजनिक इश्यू और लिस्टिंग की तैयारी तेज करनी होगी

Goutam Ojha

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस को बड़ा झटका देते हुए उसके नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) का लाइसेंस सरेंडर करने के आवेदन को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई ने शनिवार को टाटा संस के कंपनी सचिव और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को पत्र भेजकर बताया कि कंपनी लाइसेंस सरेंडर करने के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करती। टाटा संस ने मार्च 2024 में खुद को एनबीएफसी श्रेणी से बाहर करने के लिए डी-रजिस्ट्रेशन का आवेदन दिया था।

टाटा संस अब ‘अपर-लेयर एनबीएफसी’ के रूप में नियामकीय दायरे में बनी रहेगी

आरबीआई के फैसले के बाद टाटा संस अब ‘अपर-लेयर एनबीएफसी’ के रूप में नियामकीय दायरे में बनी रहेगी। आरबीआई के नियमों के तहत इस श्रेणी की एनबीएफसी के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य है। ऐसे में टाटा संस के लाइसेंस सरेंडर कर सार्वजनिक लिस्टिंग से बचने की संभावनाओं पर विराम लग गया है।

टाटा संस को अब अपर-लेयर एनबीएफसी के सभी नियामकीय मानकों का पालन करते हुए लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ना होगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आरबीआई और टाटा संस की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

आने वाले समय में कंपनी की लिस्टिंग की प्रक्रिया, समयसीमा और संभावित इश्यू से जुड़ी जानकारी पर निवेशकों और कॉरपोरेट जगत की नजर रहेगी।

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