GST परिषद 7 अक्टूबर को करेगी बैठक, पिछले साल की दरों में बदलाव के असर की होगी समीक्षा 
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GST परिषद की बैठक 7 अक्टूबर को, पिछले साल की दरों में बदलाव के असर की होगी समीक्षा

परिषद मोबाइल फोन जैसे चुनिंदा उत्पादों की दरों, इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिफंड और अनुपालन से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा कर सकती है, साथ ही यह भी परखेगी कि पिछली दर कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचा या नहीं

Goutam Ojha

नई दिल्ली : जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर को नयी दिल्ली में होने की संभावना है। पहले यह बैठक 12 सितंबर को प्रस्तावित थी। कर अधिकारियों की तैयारियों से जुड़ी बैठकें 5 और 6 अक्टूबर को होंगी। हालांकि, परिषद का औपचारिक एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, परिषद किसी नए व्यापक जीएसटी कटौती पर विचार करने से पहले पिछले साल किए गए बड़े दर सुधार के असर की समीक्षा कर सकती है। 22 सितंबर 2025 से लागू नई व्यवस्था के तहत चार दरों वाले ढांचे 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत को सरल करते हुए मुख्य रूप से 5 और 18 प्रतिशत की दरें रखी गई थीं। चुनिंदा विलासिता और पाप उत्पादों के लिए 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू की गई।

परिषद राजस्व, खपत और राज्यों की वित्तीय स्थिति पर इन बदलावों के प्रभाव का आकलन करेगी। अब तक जीएसटी संग्रह में लगातार गिरावट के संकेत नहीं मिले हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में सकल जीएसटी राजस्व 22.27 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष से 8.3 प्रतिशत अधिक है।

चालू वित्त वर्ष में भी संग्रह मजबूत रहा है। जुलाई में सकल जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड 2.11 लाख करोड़ रुपये और अगस्त में 1.998 लाख करोड़ रुपये रहा। अप्रैल-अगस्त में कुल संग्रह 10.43 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 11 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अगस्त में घरेलू जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि आयात से जीएसटी 29 प्रतिशत बढ़ा।

सूत्रों के मुताबिक, ऐसे माहौल में परिषद तत्काल बड़े पैमाने पर दरों में और कटौती के बजाय मौजूदा सुधारों को मजबूत करने पर जोर दे सकती है। हालांकि, मोबाइल फोन पर 18 प्रतिशत जीएसटी जैसी कुछ उत्पाद-विशिष्ट दरों पर चर्चा संभव है। यह अभी पक्का एजेंडा नहीं है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट, पंजीकरण, रिफंड, अनुपालन और विवाद समाधान से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी विचार हो सकता है। मुख्य सवाल यह रहेगा कि पिछले साल की दर कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचा या नहीं और इससे मांग कितनी बढ़ी।

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