सोना-चांदी 
बिजनेस

वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगी सोने-चांदी की दिशा

अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक संकेतकों से निवेशकों की जोखिम धारणा बदलेगी, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में नई दिशा तय हो सकती है

नयी दिल्ली : अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़े अगले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। बाजार की नजर विशेष रूप से स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता पर रहेगी, जहां अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत का नेतृत्व करने की उम्मीद है। यह बातचीत पिछले सप्ताह बनी उस रूपरेखा पर आगे बढ़ेगी, जिसका उद्देश्य तनाव समाप्त करना है। इन वार्ताओं का प्रभाव निवेशकों के जोखिम लेने की धारणा और ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है, जिसका सीधा असर बहुमूल्य धातुओं पर पड़ेगा।

बाजार की नजर : जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के ईबीजी - जिंस एवं मुद्रा शोध के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, सोने और चांदी का रुझान फिलहाल सीमित दायरे में बना हुआ है, क्योंकि बाजार की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता तथा खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल, एलएनजी की आपूर्ति पर है।पिछले सप्ताह मजबूत रुपये और घटती मांग के कारण बहुमूल्य धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। ‘मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज’ पर सोने का वायदा 3,325 रुपये या 2.2 प्रतिशत गिरकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी की कीमत 13,001 रुपये या 5.3 प्रतिशत गिरावट के साथ 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

कीमतों पर दबाव : एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्षक शोध विश्लेषक जिंस एवं मुद्रा, जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोना पूरे सप्ताह दबाव में रहा और लगभग 2.2 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि ऊर्जा कीमतों में गिरावट, मजबूत रुपया और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख ने कीमतों पर दबाव डाला। मजबूत रुपया आयातित सोने की लागत को कम करता है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

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