TCS आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कारोबार को मजबूत करने के लिए 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर तैयार करेगी 
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AI कारोबार मजबूत करने की तैयारी में TCS, 8,900 इंजीनियरों की टीम बनाएगी

TCS की नई FDE टीम ग्राहकों के साथ सीधे काम कर उन्नत AI समाधान देगी, कंपनी डेटा और साइबर सुरक्षा में रणनीतिक अधिग्रहण से वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की तैयारी में

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कारोबार को मजबूत करने के लिए 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर (FDE) तैयार करेगी। इसके साथ ही कंपनी AI, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में रणनीतिक अधिग्रहण के अवसर भी तलाश रही है।

1.5 प्रतिशत कर्मचारियों को FDE के रूप में करना है तैयार

टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के. कृतिवासन ने कहा कि कंपनी अपने कुल कर्मचारियों का 1 से 1.5 प्रतिशत FDE के रूप में तैयार करना चाहती है। जून 2026 के अंत तक कंपनी के कर्मचारी आधार के अनुसार यह संख्या करीब 5,900 से 8,900 इंजीनियरों की होगी। ये इंजीनियर सीधे ग्राहकों के साथ काम कर उनकी जरूरतों के अनुरूप AI समाधान विकसित और लागू करेंगे।

बनेंगे कारोबार के नए अवसर

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) समीर सेक्सरिया ने बताया कि टीसीएस AI, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में ऐसे अधिग्रहणों पर विचार कर रही है, जो उसकी रणनीतिक क्षमता को और मजबूत कर सकें।

वहीं, कृतिवासन का मानना है कि AI से आउटसोर्सिंग उद्योग को नुकसान नहीं होगा, बल्कि नए कारोबार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि कंपनियों को AI सिस्टम को अपने मौजूदा ढांचे से जोड़ने और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए टीसीएस जैसे अनुभवी साझेदारों की जरूरत बनी रहेगी। उन्होंने प्रशिक्षित मानव संसाधन और ग्राहकों के कारोबार की गहरी समझ को कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बताया।

AI तकनीक और कौशल विकास पर एक अरब डॉलर खर्च

हालांकि, पहली तिमाही में कंपनी की AI आय वृद्धि दर 28 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत रह गई है। इसके बावजूद टीसीएस का लक्ष्य लंबी अवधि में AI कारोबार में मजबूत वृद्धि बनाए रखना है। कंपनी कर्मचारियों के कौशल विकास, विशेष भर्ती और AI तकनीकों को अपनाने पर हर साल करीब एक अरब डॉलर का निवेश कर रही है।

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