टाटा समूह की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार को उसके शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी सेवाओं के कारोबार में विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। कारोबार के दौरान टीसीएस का शेयर करीब 6.2 प्रतिशत उछलकर 2,204 रुपये तक पहुंच गया।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 12,075 करोड़ रुपये था। इस दौरान परिचालन से होने वाली आय 11.22 प्रतिशत बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह 65,799 करोड़ रुपये थी।
टीसीएस ने बताया कि तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार की वृद्धि व्यापक रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र के साथ विनिर्माण तथा प्रौद्योगिकी सेवाओं ने प्रदर्शन में योगदान दिया। स्थिर मुद्रा आधार पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा कारोबार में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विनिर्माण और प्रौद्योगिकी एवं सेवा क्षेत्रों में यह वृद्धि 3.1-3.1 प्रतिशत रही। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी को अलग-अलग उद्योगों से मांग मिल रही है, हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ग्राहकों के खर्च को लेकर सतर्कता बनी हुई है।
कंपनी की आय में बढ़ोतरी के बावजूद कारोबार की रफ्तार को लेकर कुछ चुनौतियां कायम हैं। स्थिर मुद्रा आधार पर तिमाही-दर-तिमाही आय वृद्धि केवल 0.5 प्रतिशत रही। इससे स्पष्ट है कि सालाना आधार पर मजबूत दिखने वाले आंकड़ों के बावजूद निकट अवधि में वृद्धि की गति सीमित बनी हुई है।
टीसीएस के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी सेवाएं कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी की एआई सेवाओं से होने वाली वार्षिकीकृत आय बढ़कर 3.1 अरब डॉलर पहुंच गई। जून तिमाही में यह 2.6 अरब डॉलर थी। यानी तीन महीने में इसमें करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वार्षिकीकृत आय का अर्थ है कि किसी अवधि की कमाई की मौजूदा गति को पूरे साल के हिसाब से आंका जाए। यह पूरे साल की वास्तविक आय के बराबर नहीं होती। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि एआई से जुड़ी सेवाओं की मांग कंपनी के लिए नया कारोबार पैदा कर रही है।
वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में एआई के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं के कारोबार में बदलाव आ रहा है। कंपनियां एआई के जरिए कम समय में अधिक काम करने की कोशिश कर रही हैं। इससे आईटी सेवा प्रदाताओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन काम के घंटों के आधार पर मिलने वाले पारंपरिक राजस्व मॉडल पर दबाव भी बढ़ सकता है।
ऐसे माहौल में टीसीएस के लिए एआई कारोबार बढ़ाने के साथ लाभ के स्तर को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
तिमाही में टीसीएस का परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के स्तर के बराबर है। शुद्ध मुनाफे का मार्जिन 19 प्रतिशत दर्ज किया गया। एआई में निवेश बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बीच परिचालन मार्जिन को स्थिर रखना कंपनी के लिए अहम रहा।
हालांकि, विश्लेषकों की नजर इस बात पर भी है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी आय की वृद्धि को किस तरह तेज करती है और बढ़ती लागत के बीच लाभप्रदता बनाए रखती है। कंपनी ने नए एआई आधारित कारोबार के लिए ग्राहकों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
तिमाही के दौरान टीसीएस ने जर्मनी की वाहन कंपनी पोर्शे के साथ पांच साल की रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इसके अलावा, पोर्शे की प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श इकाई एमएचपी के पूर्ण अधिग्रहण की योजना भी सामने आई। यह सौदा नियामकीय मंजूरी के अधीन है। कंपनी ने अमेरिकी खुदरा कारोबार से जुड़ी बेस्ट बाय की भारत स्थित वैश्विक क्षमता केंद्र इकाई को एआई क्षमता केंद्र में बदलने के लिए भी समझौता किया।
टीसीएस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 रुपये प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश भी घोषित किया है। इसके लिए 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड तारीख तय की गई है और भुगतान 30 अक्टूबर को किया जाएगा। कंपनी ने तिमाही के दौरान शुद्ध आधार पर 4,258 कर्मचारियों को जोड़ा। 30 सितंबर तक उसका कुल कार्यबल 5,98,056 कर्मचारियों का था। इस अवधि में कंपनी ने 10,000 नए कर्मचारियों को भी नियुक्त किया। सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में पिछले 12 महीनों के दौरान कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर 13.3 प्रतिशत रही।
टीसीएस के तिमाही नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब वैश्विक आईटी उद्योग को एआई के कारण बदलते कारोबारी मॉडल, ग्राहकों के खर्च में सावधानी और लागत प्रबंधन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के मुनाफे और आय में सालाना बढ़ोतरी के साथ एआई कारोबार का विस्तार सकारात्मक संकेत देता है, लेकिन आगे की वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि वह नए अवसरों को कितनी तेजी से वास्तविक आय में बदल पाती है।