नई दिल्ली : करीब 60,000 करोड़ रुपये के कर्ज से जूझ रहा शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप टाटा सन्स में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर कर्ज कम करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में SP ग्रुप और टाटा सन्स के बीच नई बातचीत हुई है, हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है।
SP ग्रुप के पास टाटा सन्स में 18.37% हिस्सेदारी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट के अनुसार, समूह अपनी लगभग 7% हिस्सेदारी का मुद्रीकरण करना चाहता है।
बातचीत में एक प्रस्ताव शेयर-स्वैप का भी है। इसके तहत SP ग्रुप अपनी कुछ हिस्सेदारी के बदले टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों जैसे TCS, टाइटन, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, इंडियन होटल्स और टाटा पावर के शेयर ले सकता है। हालांकि, इस सौदे की संरचना और टाटा सन्स के मूल्यांकन पर दोनों पक्षों में अभी सहमति नहीं बन पाई है।
SP ग्रुप पहले से टाटा सन्स की लिस्टिंग (IPO) का पक्षधर रहा है, क्योंकि इससे उसे अपनी हिस्सेदारी का बेहतर मूल्य मिल सकता है। लेकिन टाटा ट्रस्ट्स के कुछ प्रमुख ट्रस्टियों के विरोध और अन्य प्रक्रियात्मक कारणों से यह मामला आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि, RBI के नए NBFC नियमों के बाद भविष्य में टाटा सन्स की लिस्टिंग की संभावना को लेकर फिर चर्चा तेज हुई है, लेकिन इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, SP ग्रुप ने हाल ही में अपने कर्ज के पुनर्वित्त (Refinancing) कार्यक्रम के पहले चरण में 21,500 करोड़ रुपये जुटाने की प्रतिबद्धता हासिल की है। इस फंड का इस्तेमाल महंगे कर्ज को लंबी अवधि के सस्ते कर्ज से बदलने के लिए किया जाएगा। समझौते की शर्तों के अनुसार, अगले 18 महीनों के भीतर या तो टाटा सन्स के IPO की घोषणा होनी चाहिए या फिर हिस्सेदारी को लेकर कोई अंतिम समाधान निकलना होगा।