SEBI 
बिजनेस

सेबी मूल्यांकन चिंताओं पर हस्तक्षेप नहीं करेगा

बाजार को अवसरों के आधार पर मूल्य निर्धारण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए

Dhriendra Pandey

मुंबई : आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में ऊंचे मूल्यांकन को लेकर उत्पन्न चिंताओं के बीच भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने स्पष्ट किया कि पूंजी बाजार नियामक इस पहलू में हस्तक्षेप नहीं करेगा। 

यह निवेशक के आकलन पर निर्भर : एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों के साथ बातचीत में पांडेय ने यहां कहा, हम मूल्यांकन का निर्धारण नहीं करते। यह निवेशक के आकलन पर निर्भर करता है। 

मूल्य निर्धारण : लेंसकार्ट के 7,200 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की कीमत बहुत अधिक रखे जाने पर चिंता जताए जाने के कुछ दिन बाद आई इस टिप्पणी में पांडेय ने स्पष्ट किया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) इस पहलू में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बाजार को अवसरों के आधार पर मूल्य निर्धारण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए।

क्या है मामला : कई हितधारकों द्वारा मूल्यांकन संबंधी चिंताएं उठाई गई हैं। खासकर से नए युग या डिजिटल कंपनियों जैसे नाइका या पेटीएम के आईपीओ के मामले में। एक्सीलेंस इनेबलर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पांडेय ने कंपनियों से कहा कि उन्हें पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रबंधन (ईएसजी) प्रतिबद्धताओं के प्रति अधिक ‘‘प्रामाणिक’’ होना चाहिए। इसे मापने योग्य परिणामों से जोड़ा जाना चाहिए, स्वतंत्र आश्वासन के अधीन होना चाहिए और वास्तविक बोर्ड निरीक्षण में निहित होना चाहिए।

ईएसजी अब वैकल्पिक नहीं : यह स्पष्ट करते हुए कि ईएसजी अब वैकल्पिक नहीं है, पांडेय ने कहा कि व्यवसाय को विनियमों को लाभ में बदलना होगा न कि एक दायित्व में, जिसका अनुपालन किया जाना आवश्यक है।

क्षमता को मजबूत करना चाहिए : पांडेय ने कहा कि कंपनियों के निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रबंधन को साइबर जोखिम, व्यवहार विज्ञान, डेटा नैतिकता और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी क्षमता को मजबूत करना चाहिए। आज के बाजार की जटिलता औपचारिक निरीक्षण की नहीं, बल्कि सूचित निर्णय की मांग करती है।

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