नकली ऐप और म्यूल खातों से निवेश ठगी पर सेबी की नजर, पांडे ने किया सतर्क 
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नकली ऐप और म्यूल खातों से निवेश ठगी पर सेबी की नजर, पांडे ने किया सतर्क

सेबी ने फर्जी निवेश ऐप्स से बचाव के लिए शुरू की नई पहल, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

Goutam Ojha

नई दिल्ली : भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने खुदरा निवेशकों, खासकर पहली बार बाजार में कदम रखने वालों को बढ़ते निवेश फर्जीवाड़ों से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में ठगी का प्रतिभूति बाजार से वास्तविक रूप से कोई संबंध ही नहीं होता। निवेशकों को यह भरोसा दिलाया जाता है कि उनका पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा है, जबकि रकम कभी वास्तविक बाजार तक पहुंचती ही नहीं।

पांडे के अनुसार, ठगी के लिए नकली मोबाइल एप और फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया जाता है। ठग रकम को ‘म्यूल खातों’ के जरिए इधर-उधर कर देते हैं। पीड़ित को जब तक धोखाधड़ी का पता चलता है और वह साइबर पुलिस से संपर्क करता है, तब तक पैसा वापस पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए निवेश से पहले यह जांचना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति या संस्था सेबी के साथ पंजीकृत है या नहीं और संपर्क का माध्यम कितना विश्वसनीय है।

सेबी ने फर्जी निवेश ऐप से बचाव के लिए Verified App Label जैसी पहल शुरू की है। इसके अलावा निवेशकों को सत्यापन के लिए ‘सेबी चेक’ जैसे उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सेबी ने मार्च में बताया था कि देश में 14 करोड़ से अधिक विशिष्ट निवेशक हैं और नए निवेशकों को सुरक्षित बाजार अनुभव देना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

पांडे ने ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं समेत विभिन्न माध्यमों से निवेशकों तक सही और सरल जानकारी पहुंचाना है। सेबी ने इसके तहत डिजिटल और जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की योजना बनाई है।

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