SEBI ने निजी प्लेसमेंट से कर्ज जुटाने के नियम किए आसान, कंपनियों को अब एक साल में 17 ISIN की मंजूरी 
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SEBI ने निजी प्लेसमेंट से कर्ज जुटाने के नियम किए आसान, कंपनियों को अब एक साल में 17 ISIN की मंजूरी

SEBI के नए नियमों से कंपनियों को कर्ज प्रबंधन में मिलेगी राहत, ISIN की सीमा बढ़ाई गई

Goutam Ojha

मुंबई : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निजी प्लेसमेंट के जरिए डेट सिक्योरिटीज से पूंजी जुटाने वाली कंपनियों के लिए नियमों में ढील दी है। नए ढांचे के तहत अब किसी वित्त वर्ष में परिपक्व होने वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए अधिकतम 17 ISIN रखे जा सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 14 थी। इससे बड़े कर्जदारों को अपनी देनदारियों की परिपक्वता को अलग-अलग समय में बांटने और नकदी प्रवाह को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

संशोधित व्यवस्था में प्लेन-वैनिला डेट सिक्योरिटीज के लिए ISIN की संख्या 9 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। वहीं, स्ट्रक्चर्ड डेट, मार्केट-लिंक्ड डेट, फ्लोटिंग रेट बॉन्ड, जीरो-कूपन बॉन्ड और टियर-II डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए कुल पांच ISIN की व्यवस्था होगी।

SEBI के मुताबिक, जिन कंपनियों की प्लेन-वैनिला डेट सिक्योरिटीज की एक वित्त वर्ष में परिपक्वता ₹15,000 करोड़ तक पहुंचती है, उन्हें इसके बाद हर अतिरिक्त ₹3,000 करोड़ की परिपक्वता पर एक अतिरिक्त ISIN की सुविधा मिलेगी। इससे बड़ी कंपनियों के लिए कर्ज की अदायगी को चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना आसान होगा।

यह बदलाव खासतौर पर बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) और बड़े कॉरपोरेट कर्जदारों के लिए महत्वपूर्ण है। बड़ी रकम की देनदारियां एक ही समय पर परिपक्व होने से कंपनियों पर दोबारा कर्ज जुटाने और नकदी प्रबंधन का दबाव बढ़ सकता है। नए नियमों से ऐसी देनदारियों को बेहतर ढंग से फैलाने में मदद मिलेगी और एसेट-लायबिलिटी मिसमैच का जोखिम कम किया जा सकेगा।

इसके अलावा, सरकार द्वारा सर्विस किए जाने वाले/EBR बॉन्ड और ESG डेट सिक्योरिटीज को ISIN की गणना से बाहर रखा गया है। इससे पात्र कंपनियों को अतिरिक्त गुंजाइश मिलेगी। केवल स्ट्रक्चर्ड डेट, मार्केट-लिंक्ड डेट, फ्लोटिंग रेट, जीरो-कूपन या टियर-II डेट जारी करने वालों के लिए भी अलग लचीलापन दिया गया है।

SEBI का यह संशोधित ढांचा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इससे निजी डेट बाजार में कंपनियों के लिए फंड जुटाने और देनदारियों के बेहतर प्रबंधन की राह आसान होने की उम्मीद है।

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