मुंबई : रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की तेजी के साथ 95.58 पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और बातचीत में हो रही देरी के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू बाजारों में कमजोर रुख ने भी रुपये पर दबाव डाला। अब सबका ध्यान तीन से पांच जून के बीच होने वाली रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक पर है।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.60 पर खुला और कारोबार के दौरान अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.79 के निचले स्तर तक गया। रुपया मंगलवार को 44 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.70 पर बंद हुआ था।
क्या है संभावनाएं : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, हमारा अनुमान है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई की चिंताओं के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकती है। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 95.50 से 96.10 की दायरे में कारोबार करने का अनुमान है।
डॉलर सूचकांक : विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.07 पर रहा।
ब्रेंट क्रूड : वायदा कारोबार में वैश्विक कच्चा तेल मानक, ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.57 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।