मुंबई: भारतीय मुद्रा रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ उसकी अधिकांश बढ़त खत्म हो गई। कारोबार के अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिर्फ 6 पैसे की बढ़त के साथ 94.34 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिसके चलते रुपये की शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी।
कारोबार की शुरुआत में रुपये को उस समय समर्थन मिला जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए।
भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच हालिया बातचीत में व्यापार प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। दोनों नेताओं ने अपने वार्ताकारों को व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि दिन के दौरान बाजार की धारणा पर भू-राजनीतिक घटनाओं का असर भी देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरानी प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया है। व्हाइट हाउस ने इसके पीछे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला दिया है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.30 प्रति डॉलर पर खुला। दिन के दौरान यह 94.20 के उच्च स्तर और 94.52 के निचले स्तर के बीच कारोबार करता रहा। अंततः यह 94.34 पर बंद हुआ।
गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
HDFC Securities के रिसर्च एनालिस्ट Dilip Parmar का कहना है कि एशियाई मुद्राओं की तुलना में रुपया बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी पूंजी निवेश में सुधार और तेल कीमतों में नरमी इसके लिए सकारात्मक संकेत हैं।
उनके मुताबिक, तकनीकी रूप से डॉलर-रुपया जोड़ी के लिए 94.90 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध और 94.10 का स्तर मजबूत समर्थन माना जा रहा है।
इस बीच छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत गिरकर 100.76 पर कारोबार करता दिखा।
वहीं वैश्विक तेल बेंचमार्क Brent Crude वायदा कारोबार में 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.33 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को दबाव देखने को मिला। BSE Sensex 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 154.90 अंक फिसलकर 24,013.10 के स्तर पर आ गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिसका असर बाजार की धारणा पर भी पड़ा।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
आने वाले दिनों में रुपये की चाल मुख्य रूप से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रहेगी। यदि विदेशी पूंजी का प्रवाह बना रहता है, तो रुपये को और मजबूती मिल सकती है।