रुपया 
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रुपया 50 पैसे बढ़कर 96.36 प्रति डॉलर पर

निवेशक भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क

मुंबई : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबर गया और 50 पैसे की तेजी के साथ 96.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेतों और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से रुपये में यह तेजी आई। हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद रुपये में मजबूती आई है। हालांकि, निवेशक अब भी भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं। एक साल के ‘फॉरवर्ड’ बाजार में रुपये की दर बुधवार को महत्वपूर्ण 100 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गई थी। यह संकेत देता है कि बाजार पहले से ही अगले 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर रहने का अनुमान जता रहा है।

क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला। इसके बाद कारोबार के दौरान 96.05 के उच्च और 96.60 के निचले स्तर तक गया। अंत में यह 96.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 50 पैसे की बढ़त है। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.95 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने के बाद अपने सर्वकालिक निचले स्तर 96.86 पर बंद हुआ था। यह भी एक नया निचला बंद स्तर था।

क्या कहते हैं विश्लेषक : एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, भू-राजनीतिक तनाव में कमी के शुरुआती संकेतों और केंद्रीय बैंक के सक्रिय हस्तक्षेप से रुपया संभला है। भविष्य में निवेशकों का ध्यान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा पर रहेगा। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.74 से 96.50 के बीच रह सकता है। मिराए एसेट शेयरखान में जिंस रिसर्च के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, रिजर्व बैंक के दखल के चलते रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से उबरा।

डॉलर सूचकांक : इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.30 पर रहा।

ब्रेंट क्रूड : अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.23 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।

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