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रुपया सात पैसे सुधरकर रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरा

ट्रंप की सकारात्मक टिप्पणियों से बाजार धारणा में सुधार

मुंबई : घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित हस्तक्षेप से रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर से सात पैसे सुधरकर 91.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सकारात्मक टिप्पणियों से भी बाजार धारणा में सुधार हुआ। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर भविष्य के एक समझौते का ढांचा तय हो गया है और एक फरवरी से यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित शुल्क को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा।

क्या रही स्थिति : अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.54 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपये ने 91.48 के उच्च स्तर और 91.68 के निचले स्तर को भी छुआ। लेकिन अंत में यह 91.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तर से सात पैसे अधिक है। बुधवार को रुपया 68 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 91.65 पर बंद हुआ था। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते रुपये पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका के साथ लंबित व्यापार समझौता रुपये के लिए एक प्रमुख कारक बना हुआ है। भू-राजनीतिक जोखिम कम नहीं होने और व्यापार समझौता साकार नहीं होने तक रुपया बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील बना रह सकता है।

क्या कहते हैं विश्लेषक : सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, मौजूदा स्तरों पर वैश्विक जोखिम के एक बड़े हिस्से को रुपया पहले ही स्वीकार कर चुका है। यहां से बाजार में कुछ समय तक स्थिरता का दौर देखने को मिल सकता है। जोखिम धारणा में सुधार होने की स्थिति में रुपये में आंशिक सुधार हो सकता है।92.00 का स्तर रुपये के लिए एक मजबूत प्रतिरोध स्तर बना हुआ है, जबकि आरबीआई के निरंतर समर्थन से डॉलर/रुपया विनिमय दर निकट अवधि में 90.50–90.70 के दायरे में आ सकती है। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.72 पर रहा।

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