मुंबई : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को 23 पैसे लुढ़ककर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 93.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण निवेशकों में चिंता का माहौल रहने से घरेलू मुद्रा में यह गिरावट आई। पश्चिम एशिया संकट को लेकर अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की निकासी ने भी रुपये पर दबाव डाला।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.66 पर खुला और पूरे सत्र के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा। अंत में यह 93.76 पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया था, हालांकि बाद में यह 93.53 पर स्थिर बंद हुआ।
रुपये पर दबाव बना : फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, लगातार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी से रुपये पर दबाव बना हुआ है। मजबूत डॉलर के कारण उभरते बाजारों की मुद्राएं कमजोर बनी हुई हैं। इस महीने रुपये में लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। बुधवार के लिए रुपये का दायरा 93.65 से 94.25 के बीच रहने की उम्मीद है।
डॉलर सूचकांक : दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत बढ़कर 99.18 पर कारोबार कर रहा था।