मुंबई : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया शुक्रवार को 28 पैसे टूटकर 90.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये में गिरावट आई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में कमजोर धारणा भी रुपये पर दबाव डाल रही है।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 89.88 प्रति डॉलर पर मजबूत खुला, लेकिन कारोबार के दौरान इसमें गिरावट बनी रही और अंत में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.18 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे की गिरावट है। कारोबार के दौरान मुद्रा का मूल्य 89.88 और 90.25 के बीच रहा। रुपया बृहस्पतिवार को तीन पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.90 पर बंद हुआ था।
क्या कहते हैं विश्लेषक : फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, रुपया 89.88 पर उच्च स्तर पर खुला, लेकिन शेयर बाजारों में फिर से गिरावट शुरू होने के कारण यह टूटकर 90.25 पर आ गया। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय का शुल्क पर फैसला आने वाला है और हम उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसका असर सोमवार को भारतीय शेयरों और रुपये पर पड़ सकता है। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत बढ़कर 98.96 पर रहा।
रुपया पर दबाव : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, हमारा अनुमान है कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया कमजोर रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी रुपया पर दबाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों (FII) का पैसा बाहर निकलना भी रुपया कमजोर होने का कारण बन सकता है। हालांकि, केंद्रीय बैंक द्वारा हस्तक्षेप रुपया को निचले स्तर पर सहारा दे सकता है।